फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   up polls bjp challenging path

यूपी चुनाव: चुनौती भरी है भाजपा की डगर

Wed, 08 Feb 2017 10:39 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 08 Feb 2017 10:39 PM IST
सार


- खोए हुए वोट बैंक को दोबारा हासिल किए बिना जीत मुश्किल 
- सदर व तिर्वा मे तेजी से गिरा था वोटबैंक, छिबरामऊ में सुधार

विज्ञापन
up polls bjp challenging path
डेमो

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को तमाम संकटों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, भाजपा की टिकटों की घोषणा के बाद से प्रदेशभर में सीटों पर भयंकर खींचतान जारी है। 

विज्ञापन

 

 

आदित्यनाथ के तेवर हुए थी बागी

up polls bjp challenging path
योगी आदित्यनाथ
एक समय यह खबर भी सामने आई थी कि भाजपा के गोरखपुर से सांसद और पूर्वी यूपी के दिग्गज नेता योगी आदित्यनाथ के तेवर बागी हो गए हैं।केवल यही नहीं योगी की हिन्दू युवा वाहिनी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 64 सीटों से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, ऐसी खबरें भी थी। लेकिन बाद में यह मामला हवा हो गया। 

भाजपा के ऊपर छाए संकट के बादल अब इत्र नगरी कहे जाने वाले कन्नौज क्षेत्र पर मंडराने लगे हैं। कमल खिलाने के लिए भाजपा ने यहां अपनी पूरी ताकत झौंक रखी है। अपने खोए हुए वोटवैंक को हासिल करने के लिए भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों को लगा दिया है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

इस सीट पर सपा का जलवा

up polls bjp challenging path
डिंपल यादव (फाइल फोटो)
लेकिन सामने अन्य पार्टियां भी हैं। कन्नौज सीट पर सपा का जलवा रहा है। अखिलेश की धर्मपत्नी डिंपल यादव इसी सीट से सांसद हैं। जाहिर है सपा की जनाधार यहां भाजपा से मजबूत है। ऐसे में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती होगी कि वह सदर व तिर्वा में अपने गिरते जनाधार को किसी तरह बचा ले जाए। 

 
विज्ञापन

गिरते वोटबैंक में सुधार अवश्य 

up polls bjp challenging path
नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह (फाइल फोटो)
छिबरामऊ विधानसभा में गिरते वोटबैंक में सुधार अवश्य 
भाजपा को जीत हासिल करने के लिए इन विधानसभा में अपने खोए हुए वोटबैंक में दोबारा हासिल करना होगा। कन्नौज जिले की विधानसभाओं में सदर विधानसभा में भाजपा ने आखिरी जीत का स्वाद 1996 में बनवारी लाल दोहरे के रूप में चखा था।

छिबरामऊ में 2002 में राम प्रकाश त्रिपाठी ने भाजपा को अंतिम जीत दिलाई
छिबरामऊ में 2002 में राम प्रकाश त्रिपाठी ने भाजपा को अंतिम जीत दिलाई थी। वहीं, तिर्वा में 1996 में कैलाश राजपूत को जीत हासिल हुई थी। कन्नौज व तिर्वा में जीत के बाद से भाजपा का वोट बैंक लगातार गिरता चला गया। वहीं, छिबरामऊ में 2012 के चुनाव में भाजपा के वोटबैंक में 3 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।

 

इस चुनाव में अपना खोया सम्मान वापस पाने में जुटी भाजपा 

up polls bjp challenging path
डेमो
इस चुनाव में अपना खोया सम्मान वापस पाने में जुटी भाजपा 
भाजपा ने सदर में अपने को साबित करने के लिए बनवारीलाल को एक और मौका दिया है वहीं तिर्वा में कैलाश राजपूत के पास अपना खोया वोटबैंक बटोरने का मौका है। छिबरामऊ विधानसभा में भाजपा का ग्राफ बढ़ाने वाली अर्चना पांडेय पर भाजपा ने कमल खिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी की निगाहें भाजपा के इन तीनों धुरंधरों पर लगी हैं कि वह 2017 में कन्नौज में कमल खिला पाने में किस हद तक कामयाब होते हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed