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UP: हमीरपुर सीएमओ के भ्रष्टाचार की जांच शुरू, कन्नौज में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रहते हुए किया था गोलमाल

Wed, 29 Jan 2025 12:16 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 29 Jan 2025 12:16 AM IST
सार

हमीरपुर सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी गई है। वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने अभिलेख खंगाले। 

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UP: Investigation begins into corruption of Hamirpur CMO
हमीरपुर सीएमओ के भ्रष्टाचार का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन के निर्देश पर सीएमओ हमीरपुर के भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक ने सीएमओ कार्यालय व विनोद दीक्षित अस्पताल पहुंचकर पुराने अभिलेख खंगाले। कई दस्तावेज साथ भी ले गए हैं। आरोप है कि वर्तमान में सीएमओ हमीरपुर ने कन्नौज में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रहते हुए गोलमाल किया था, जिसका आरटीआई में खुलासा हुआ था।
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मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. भानुप्रताप सिंह कल्याणी ने विनोद दीक्षित चिकित्सालय में सभी पुराने दस्तावेज व बिल बाउचर निकलवाए। उन्होंने सीएमओ को बताया कि विनोद दीक्षित अस्तपाल में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रहते हुए डॉ. गीतम सिंह पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट ग्राम आकिलपुर निवासी अरविंद कुमार दुबे ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर की थी।
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डॉ. गीतम सिंह 2016 से 2020 तक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रहे थे। अब वह हमीरपुर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। शासन ने शिकायत को गंभीरता से लेकर इसकी जांच निदेशक को सौंपी है। निदेेशक ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधांशु दुबे व डिप्टी सीएमओ डॉ. महेंद्र भान सिंह, डॉ. बृजेश शुक्ल व सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता से भी जानकारी ली। निदेशक ने बताया कि जांच अभी चल रही है। पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर कार्रवाई तय होगी।
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इन आरोपों की हो रही जांच
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांगेमऊ में 5000 रुपये की पानी की टंकी लगवाने में 8600 रुपये खर्च कर दिए।
- पानी की टंकी का ढक्कन बनाने के लिए लोहे का एक तसला 4500 रुपये में खरीदा गया।
- 5000 लीटर पानी की टंकी को लगवाने में 95000 रुपये खर्च किए गए।
- बाजार से 25000 रुपये कीमत की पानी की टंकी 80000 रुपये में खरीदी गई।
- अस्पताल में 36000 रुपये में आरओ वाटर प्लांट कागजों पर लगाया गया।
 
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