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यूपी: अफगानिस्तान में फंसी कानपुर की हिना, 2008 में गई थी मुंबई, बार में काम करके भेजती थी रुपये

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 31 Aug 2021 01:58 PM IST
सार

कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के बगाही निवासी हिना भी अपने तीन बच्चों के साथ काबुल में फंसी है। फोन पर उसने अपनी मां से जान बचाने की गुहार लगाई है। दरअसल, उसके पति ने मां को फोन कर कहा था कि पैसा खर्च करो और अपनी बेटी को बचा लो, नहीं तो तालिबानी उसे मार डालेंगे।

हिना
हिना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुफलिसी में हिना का परिवार बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा था। पिता की इंतकाल के बाद उस पर खुद और आठ भाई-बहनों की जिम्मेदारी थी। इसके चलते वर्ष-2008 में वह मुंबई के ताड़देव में रहने वाले अपने चाचा लाला के साथ चली गई। दर-दर भटकने के बाद एक बार में काम मिला, तो परिवार की भी मदद करने लगी।


हिना की मां समीरुन निशा अपने आठ बच्चों के साथ चिड़ीमार मोहल्ले में सात सौ रुपये महीने के किराये के एक कमरे में रहती हैं। उनका मायका नहरोना घाट देवरियां में है। 33 साल पहले उनकी शादी इखलाक अहमद से हुई थी। इखलाक लक्ष्मी कॉटन मिल में मशीन ऑपरेटर थे। समीरुन के मुताबिक, वह बहुत शराब पीते थे।


वर्ष 2004 में ज्यादा शराब पीने से उनकी मौत हो गई थी। हिना तब छोटी थी। समीरुन के उसी साल जन्मी फैमीना समेत आठ और बच्चे हो चुके थे। उस समय उनका परिवार गोविंदनगर में रहता था। वर्ष-2007 में कुछ महीनों के लिए शुक्लागंज में रहने के बाद उसी साल नवंबर में बगाही आकर बस गए थे।

परिचितों के जरिये घर भेजती थी रुपये
समीरुन ने बताया कि बैंक में उनका खाता नहीं था। हिना अपने परिचितों के जरिये एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक हर माह भेजती थी। हिना आखिरी बार 2013 में घर आई थी। तब वह दो माह की गर्भवती थी। वर्ष-2014 में हिना ने बगाही स्थित एक निजी अस्पताल में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था।

विदेश मंत्रालय को किया ई-मेल
अफगानिस्तान में फंसी हिना खान और उसके बच्चों को बचाने की कवायद शुरू हो गई। सोमवार देर रात एडीसीपी साउथ डॉ. अनिल कुमार ने विदेश मंत्रालय को पूरी जानकारी दी है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और डीसीपी साउथ रवीना त्यागी को भी मामले से अवगत कराया है। एडीसीपी ने बताया कि विदेश मंत्रालय द्वारा अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर चल रहा है।

इस घटना की जानकारी विदेश मंत्रालय पहुंचने के बाद पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाई जाएगी। साथ ही मंत्रालय की मदद से परिवार को वापस लाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि महिला ने जो तहरीर दी है, उसमें अपने दामाद पर आरोप लगाए हैं। उसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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