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यूपी: कानपुर जिला जेल में पांच महिलाओं के साथ उनके छह बच्चे भी सलाखों के पीछे रहने को मजबूर

Fri, 22 Jan 2021 04:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 22 Jan 2021 04:12 AM IST
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UP: Five women in Kanpur district jail along with their six children are also forced to remain behind bars
कानपुर जिला जेल - फोटो : amar ujala
कानपुर समेत प्रदेश की जिला जेलों में माताओं के गुनाह की सजा उनके मासूम बच्चे भी भुगत रहे हैं। छह साल से कम के ये मासूम बगैर किसी अपराध के सलाखों के पीछे हैं। कानपुर में पांच महिला बंदियों/कैदियों के साथ उनके छह बच्चे भी रह रहे हैं।
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अगर पूरे यूपी के जेलों की बात करें तो कुल 320 महिलाओं के साथ उनके 490 बच्चे जेल में रह रहे हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। जेल में हत्या के केस में बंद मंजू, दहेज हत्या में गुड्डी देवी और एनडीपीएस में नजमा खातून की एक-एक बेटी हैं। वहीं धारा 306 (खुदकुशी के लिए प्रेरित करना) में नेहा की दो बेटियां हैं।
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एक बेटी चार महीने की है। इसके अलावा चोरी के केस में जेल बंद जागेश्वरी का एक साल का लड़का है। ये सभी मदर सेल में हैं। नियमानुसार जिनके बच्चे छह साल से कम उम्र के होते हैं वो महिलाएं अपने बच्चों को साथ में जेल में रख सकती हैं।

देश में यूपी शीर्ष पर
देश में सबसे अधिक मासूम बच्चे अपनी मां के अपराधों की वजह से जेल में हैं। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां पर 147 महिलाओं के साथ 192 बच्चे जेल में हैं। तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है। यहां की जेलों में बंद 138 महिलाओं के साथ 177 बच्चे सलाखों के पीछे हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो देश में 1543 महिला कैदियों/बंदियों के कुल 1779 बच्चे जेल में बंद हैं।

जेल में वर्तमान में पांच महिलाओं के छह बच्चे साथ में मदर सेल में हैं। इसमें पांच बच्चियां हैं जबकि एक लड़का है। उनकी अच्छे से देखभाल कर हर जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। -आरके
जायसवाल, जेल अधीक्षक

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