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UP election 2022: कानपुर में शोषित-वंचित समाज पर एआईएमआईएम की नजर, स्वास्थ्य सेवाएं बनी मुद्दा
Mon, 24 Jan 2022 01:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 24 Jan 2022 01:53 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) दो क्षेत्रीय दलों से गठबंधन के बाद एजेंडे को धार देने में जुटी है। पार्टी कोरोना से आगाह कर निशुल्क एंबुलेंस, अस्पताल खोलने का वादा कर रही है।
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एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) आर्यनगर, सीसामऊ और कैंट विधानसभा क्षेत्र में कोरोना को मुद्दा बना रही है। कार्यकर्ताओं की टीमें घनी आबादी वाले इलाकों में जाकर कोरोना की पिछली लहर की याद दिला रही हैं और मौजूदा खतरे से आगाह कर रही हैं।
साथ ही बता रही हैं कि पार्टी की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 एंबुलेंस चलवाने और एक अस्पताल बनवाने की है। यह सेवाएं जनता के लिए निशुल्क होंगी। जाहिरी तौर पर पार्टी ने शोषितों और वंचितों को लक्ष्य बनाया है। इससे साफ है कि अन्य दलों के वोटों में सेंध लगाने के बजाय ओवैसी की पार्टी फ्लोटिंग वोटों को हथियाने की कोशिश में है।
साथ ही पैराशूट प्रत्याशियों के विरोध में भी माहौल बनाया जा रहा है। भागीदारी परिवर्तन मोर्चा और बहुजन मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन के बाद एआईएमआईएम अपनी रणनीति को और धार दे रही है। साथ ही लोगों ने टिकट के लिए आवेदन भी शुरू कर दिया है। अंदरखाने कुछ आवेदनों पर विरोध भी शुरू हो गया है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो उनके बीच के लोग हैं, उन्हीं को टिकट दिया जाए। बाहर से थोपे जाने वालों को अधिक पसंद नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मजलिस की कुली बाजार में बैठक हुई। इसमें कोरोना और शोषितों-वंचितों के मुद्दे पर जोर देने के लिए कहा गया। एआईएमआईएम यूथ विंग के अध्यक्ष उमर मारूफ ने बताया कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों के टिकटों पर अभी विचार किया जा रहा है।
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साथ ही बता रही हैं कि पार्टी की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 एंबुलेंस चलवाने और एक अस्पताल बनवाने की है। यह सेवाएं जनता के लिए निशुल्क होंगी। जाहिरी तौर पर पार्टी ने शोषितों और वंचितों को लक्ष्य बनाया है। इससे साफ है कि अन्य दलों के वोटों में सेंध लगाने के बजाय ओवैसी की पार्टी फ्लोटिंग वोटों को हथियाने की कोशिश में है।
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साथ ही पैराशूट प्रत्याशियों के विरोध में भी माहौल बनाया जा रहा है। भागीदारी परिवर्तन मोर्चा और बहुजन मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन के बाद एआईएमआईएम अपनी रणनीति को और धार दे रही है। साथ ही लोगों ने टिकट के लिए आवेदन भी शुरू कर दिया है। अंदरखाने कुछ आवेदनों पर विरोध भी शुरू हो गया है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो उनके बीच के लोग हैं, उन्हीं को टिकट दिया जाए। बाहर से थोपे जाने वालों को अधिक पसंद नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मजलिस की कुली बाजार में बैठक हुई। इसमें कोरोना और शोषितों-वंचितों के मुद्दे पर जोर देने के लिए कहा गया। एआईएमआईएम यूथ विंग के अध्यक्ष उमर मारूफ ने बताया कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों के टिकटों पर अभी विचार किया जा रहा है।