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यूपी: कानपुर में एक तिराहे पर 45 दिन में 2.40 करोड़ के चालान, वाहन मालिकाें के पास पहुंची रसीद तो उड़ गए होश
Thu, 16 Sep 2021 12:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Sep 2021 12:17 PM IST
सार
45 दिन में 2 करोड़ 40 लाख रुपये के चालान की रसीद जब वाहन मालिकों के पास पहुंचना शुरु हुई तो उनके होश उड़ गए। एक-एक वाहन के कई-कई बार चालान किए गए।
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कानपुर का ट्रैफिक
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर में फजलगंज फायर ब्रिगेड तिराहे पर बिना किसी सूचना के अचानक ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के ऑनलाइन चालान शुरु कर दिए। ऑन लाइन चालान के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45 दिन में ट्रैफिक पुलिस ने करीब 16 हजार वाहन सवारों के 2 करोड़ 40 लाख रुपये के चालान किए।
बाद में जब वाहन सवारों को चालान की जानकारी हुई तो डिटेल निकलवाने पर पता चला कि एक-एक वाहन सवार का कई-कई बार चालान कर दिया गया। हालांकि, वाहन सवारों के विरोध के बाद ऑन लाइन चालान बंद कर पूर्व में किये गए चालान कैंसिल कर दिए गए। फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया से दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया के बीच आवागमन के लिए ज्यादातर उद्यमी फजलगंज फायर ब्रिगेड तिराहे के रूट का इस्तेमाल करते हैं।
इस कारण इस तिराहे पर अक्सर जाम की स्थिति भी बन जाती है। ट्रैफिक विभाग ने बिना किस पूर्व सूचना के यहां ऑनलाइन चालान शुरू कर दिए। 21 जून से 6 अगस्त के बीच सिर्फ 45 दिन में 2 करोड़ 40 लाख के चालान काट दिए गए। चालान का विरोध करने पर ट्रैफिक पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए 190 लोगों के चालान भी कैंसिल कर दिए हैं।
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बाद में जब वाहन सवारों को चालान की जानकारी हुई तो डिटेल निकलवाने पर पता चला कि एक-एक वाहन सवार का कई-कई बार चालान कर दिया गया। हालांकि, वाहन सवारों के विरोध के बाद ऑन लाइन चालान बंद कर पूर्व में किये गए चालान कैंसिल कर दिए गए। फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया से दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया के बीच आवागमन के लिए ज्यादातर उद्यमी फजलगंज फायर ब्रिगेड तिराहे के रूट का इस्तेमाल करते हैं।
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इस कारण इस तिराहे पर अक्सर जाम की स्थिति भी बन जाती है। ट्रैफिक विभाग ने बिना किस पूर्व सूचना के यहां ऑनलाइन चालान शुरू कर दिए। 21 जून से 6 अगस्त के बीच सिर्फ 45 दिन में 2 करोड़ 40 लाख के चालान काट दिए गए। चालान का विरोध करने पर ट्रैफिक पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए 190 लोगों के चालान भी कैंसिल कर दिए हैं।
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इसमें से हजारों की संख्या में लोग अपना जुर्माना भी भर चुके हैं। अब ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही सामने आने पर डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि स्मार्ट सिटी के कंट्रोलरूम की गलती के चलते इन चौराहों पर गलत चालान हुए हैं। 21 जून से 6 अगस्त तक हुए सभी चालान को निरस्त करने का आदेश दिया गया है। डीसीपी ट्रैफिक के अनुसार स्मार्ट सिटी ने ट्रैफिक सिग्नल ही गलत जगह लगा दया है।
दादा नगर रेलवे पुल से विजय नगर चौराहा की तरफ जाने वाले रास्ते पर फायर ब्रिगेड तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है। जबकि यह तिराहा पुल के ढाल पर है। सर्वे में पाया गया कि यहां पर ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत ही नहीं है। यहां पर ट्रैफिक सिग्नल से यातायात चलाना अव्यवहारिक है। सिग्नल से यातायात संचालित करने से जाम की समस्या खड़ी हो जाती है।
जानकारी के अभाव में हुए हज़ारों के चालान
रतन स्तुति अपार्टमेंट शास्त्री नगर में रहने वाले डॉ. रामचंद्र लालवानी ने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं। शास्त्री नगर से रतनलाल नगर अपनी कार से क्लीनिक आने-जाने के दौरान 17 जुलाई, 22 जुलाई, 24 जुलाई और 27 जुलाई को रेड लाइट वायलेशन करने में 6 हजार के चालान काट दिए गए। उनका कहना है कि फजलगंज फायर ब्रिगेड तिराहे पर कभी ट्रैफिक सिग्नल से यातयात संचालित नहीं होता था।
इसके चलते वह रेड लाइट पर रुके नहीं और उनके ताबड़तोड़ एक के बाद एक 6 हजार के चालान काट दिए गए। अब चालान कैंसिल कराने के लिए डीसीपी ट्रैफिक को प्रार्थना-पत्र दिया है। इसी तरह बर्रा-6 निवासी राहुल गुप्ता कैब चलाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका भी एक महीने में 3 चालान सिग्नल तोड़ने का हो गया है। उन्होंने इसका 4500 रुपये जुर्माना भी जमा कर दिया है।
दादा नगर रेलवे पुल से विजय नगर चौराहा की तरफ जाने वाले रास्ते पर फायर ब्रिगेड तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है। जबकि यह तिराहा पुल के ढाल पर है। सर्वे में पाया गया कि यहां पर ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत ही नहीं है। यहां पर ट्रैफिक सिग्नल से यातायात चलाना अव्यवहारिक है। सिग्नल से यातायात संचालित करने से जाम की समस्या खड़ी हो जाती है।
जानकारी के अभाव में हुए हज़ारों के चालान
रतन स्तुति अपार्टमेंट शास्त्री नगर में रहने वाले डॉ. रामचंद्र लालवानी ने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं। शास्त्री नगर से रतनलाल नगर अपनी कार से क्लीनिक आने-जाने के दौरान 17 जुलाई, 22 जुलाई, 24 जुलाई और 27 जुलाई को रेड लाइट वायलेशन करने में 6 हजार के चालान काट दिए गए। उनका कहना है कि फजलगंज फायर ब्रिगेड तिराहे पर कभी ट्रैफिक सिग्नल से यातयात संचालित नहीं होता था।
इसके चलते वह रेड लाइट पर रुके नहीं और उनके ताबड़तोड़ एक के बाद एक 6 हजार के चालान काट दिए गए। अब चालान कैंसिल कराने के लिए डीसीपी ट्रैफिक को प्रार्थना-पत्र दिया है। इसी तरह बर्रा-6 निवासी राहुल गुप्ता कैब चलाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका भी एक महीने में 3 चालान सिग्नल तोड़ने का हो गया है। उन्होंने इसका 4500 रुपये जुर्माना भी जमा कर दिया है।