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बजट 2021: होजरी उद्योग होगा आत्मनिर्भर, तमिलनाडु से खत्म होगी निर्भरता
Tue, 23 Feb 2021 11:11 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:11 AM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को पेश किए गए बजट में उप्र स्टेट स्पिनिंग कंपनी की बंद पड़ी कताई मिलों को पीपीपी मॉडल पर चलाने के लिए क्लस्टर या औद्योगिक पार्क के खातिर 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे कानपुर का होजरी कारोबार नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा।
होजरी उत्पाद के लिए सबसे जरूरी कच्चा माल (यार्न) प्रदेश की इन मिलों से ही उपलब्ध हो सकेगा। अभी यार्न तमिलनाडु से मंगाया जाता है। प्रदेश में ही क्वालिटी वाला यार्न उपलब्ध होने से उत्पाद प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। स्पिनिंग कंपनी का शहर में मुख्यालय है।
बरेली, बहेड़ी, रायबरेली, संडीला समेत अन्य जगहों पर एक दर्जन से अधिक कताई मिल हैं। पांच साल पहले कुछ मिलों को पीपीपी मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मिलों की संपत्तियां बेचकर कर्मचारियों का पीएफ का भुगतान भी हुआ था।
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कानपुर में होजरी का सालाना कारोबार करीब एक हजार करोड़ का है। 50 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। हालांकि तकनीक में पीछे होने के कारण प्रदेश की 20 फीसदी ही जरूरत पूरी हो पाती है। 80 फीसदी उत्पाद कोलकाता और त्रिपुर (तमिलनाडु) से आते हैं। होजरी कारोबार पनकी, दादानगर, दर्शनपुरवा के अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ है।
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होजरी उत्पाद के लिए सबसे जरूरी कच्चा माल (यार्न) प्रदेश की इन मिलों से ही उपलब्ध हो सकेगा। अभी यार्न तमिलनाडु से मंगाया जाता है। प्रदेश में ही क्वालिटी वाला यार्न उपलब्ध होने से उत्पाद प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। स्पिनिंग कंपनी का शहर में मुख्यालय है।
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बरेली, बहेड़ी, रायबरेली, संडीला समेत अन्य जगहों पर एक दर्जन से अधिक कताई मिल हैं। पांच साल पहले कुछ मिलों को पीपीपी मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मिलों की संपत्तियां बेचकर कर्मचारियों का पीएफ का भुगतान भी हुआ था।
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कानपुर में होजरी का सालाना कारोबार करीब एक हजार करोड़ का है। 50 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। हालांकि तकनीक में पीछे होने के कारण प्रदेश की 20 फीसदी ही जरूरत पूरी हो पाती है। 80 फीसदी उत्पाद कोलकाता और त्रिपुर (तमिलनाडु) से आते हैं। होजरी कारोबार पनकी, दादानगर, दर्शनपुरवा के अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ है।
कारोबारियों के मुताबिक आम बजट में सरकार ने शहर में टेक्सटाइल पार्क का प्रस्ताव किया है। यदि कताई मिलें चलने लगीं तो शहर टेक्सटाइल, होजरी का बहुत बड़ा हब बन जाएगा। कारोबार पांच गुना तक बढ़ जाएगा। निवेशक आने से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बातचीत
सरकार का यह बहुत अच्छा कदम है। कताई मिलों के चलने से प्रदेश में ही यार्न उपलब्ध हो सकेगा। अभी यार्न के लिए तमिलनाडु पर निर्भरता है। इससे आत्मनिर्भरता आएगी। कच्चा माल आसानी से मिलने लगेगा तो देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्तर पर उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी। शहर होजरी के उत्पादों का बहुत बड़ा गढ़ है। - बलराम नरूला, एमडी, जेट निटवियर
पीपीपी मॉडल पर कताई मिलों को चलाना अच्छा कदम है। इससे होजरी उद्योग को खासा लाभ मिल सकेगा। कोलकाता, त्रिपुर में बने उत्पादों से प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। पूरे प्रदेश की मांग भी यहीं से पूरी हो जाएगी। हालांकि औद्योगिक अवस्थापना निधि बढ़ाने की आवश्यकता थी। ओडीओपी में किए गए प्रावधान भी अच्छा कदम है। - मनोज बंका, प्रांतीय अध्यक्ष, पीआईए
फैक्ट फाइल
100 यूनिट शहर में निटिंग की, इतनी ही प्रोसेसिंग की
300 इकाई हैं कटिंग की
बातचीत
सरकार का यह बहुत अच्छा कदम है। कताई मिलों के चलने से प्रदेश में ही यार्न उपलब्ध हो सकेगा। अभी यार्न के लिए तमिलनाडु पर निर्भरता है। इससे आत्मनिर्भरता आएगी। कच्चा माल आसानी से मिलने लगेगा तो देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्तर पर उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी। शहर होजरी के उत्पादों का बहुत बड़ा गढ़ है। - बलराम नरूला, एमडी, जेट निटवियर
पीपीपी मॉडल पर कताई मिलों को चलाना अच्छा कदम है। इससे होजरी उद्योग को खासा लाभ मिल सकेगा। कोलकाता, त्रिपुर में बने उत्पादों से प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। पूरे प्रदेश की मांग भी यहीं से पूरी हो जाएगी। हालांकि औद्योगिक अवस्थापना निधि बढ़ाने की आवश्यकता थी। ओडीओपी में किए गए प्रावधान भी अच्छा कदम है। - मनोज बंका, प्रांतीय अध्यक्ष, पीआईए
फैक्ट फाइल
100 यूनिट शहर में निटिंग की, इतनी ही प्रोसेसिंग की
300 इकाई हैं कटिंग की