मातम में बदलीं खुशियां: डंपर ने लोडर में मारी टक्कर, पिता-पुत्र की मौत...चालक फरार, सास-बहू का सुहाग उजड़ा
Unnao News: सीओ दीपक सिंह ने बताया कि टक्कर मारने वाले डंपर का चालक भाग गया है। डंपर को कब्जे में लिया गया है, उसके चालक और मालिका का पता लगाया जा रहा है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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उन्नाव जिले में अचलगंज-पुरवा मार्ग पर बरवट मोड़ के पास तेज रफ्तार डंपर ने लोडर में टक्कर मार दी। हादसे में लोडर चला रहे युवक और साथ बैठे पिता की मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और शव का पोस्टमार्टम कराया।
कानपुर नगर के मकान नंबर 658 ए-ब्लॉक बर्रा-छह निवासी रामशंकर त्रिवेदी (52) का लोडर उनका बेटा कृष्ण कुमार त्रिवेदी उर्फ गुड्डू (35) चलाता था। लोडर को एक नमकीन (दालमोट) बनाने वाली कंपनी में लगा रखा था। बुधवार सुबह करीब पांच बजे पिता-पुत्र लोडर में माल लादकर, सप्लाई करने पुरवा जा रहे थे।
अचलगंज-पुरवा मार्ग पर भूलेमऊ गांव के आगे बरवट मोड़ के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार खाली डंपर ने लोडर में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि लोडर के परखच्चे उड़ गए। हादसे के वक्त लोडर चला रहे कृष्ण कुमार त्रिवेदी और साथ बैठे पिता रामशंकर त्रिवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए।
फोन व अन्य कागजात से परिजनों को जानकारी दी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को पुरवा सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने कृष्णकुमार को मृत घोषित कर दिया। रामशंकर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया, जहां कुछ देर बाद उनकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मृतकों के पास से मिले फोन व अन्य कागजात से नंबर तलाशकर परिजनों को जानकारी दी।
शवों का पोस्टमार्टम कराया गया
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि टक्कर मारने वाले डंपर का चालक भाग गया है। डंपर को कब्जे में लिया गया है, उसके चालक और मालिका का पता लगाया जा रहा है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
हादसे ने छीना सास-बहू का सुहाग
हादसे में मृत रामशंकर और उनका इकलौता बेटा कृष्ण कुमार त्रिवेदी ही परिवार का सहारा थे। पिता-पुत्र मिलकर परिजनों की जरूरते पूरी करते थे। मृतक कृष्णकुमार का भी एक बेटा नमो पांच साल का है। पत्नी शुभी और रामशंकर की पत्नी (मृतक कृष्णकुमार की मां) मंजू देवी हैं। हादसे ने सास और बहू का सुहाग छीन लिया।
मातम में बदलीं त्योहार की खुशियां
दिवाली पर्व के चार दिन पहले घटना होने से खुशियां मातम में बदल गईं। घर में चल रही तैयारियां धरी की धरी रह गई। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। रामशंकर तीन भाइयों में छोटे थे।