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संघ हिंदुओं के पलायन को बनाएगा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 11 Jul 2016 01:51 AM IST
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बिठूर स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कालेज परिसर में संघ की कोर कमेटी की वार्षिक बैठक में भाग लेने आए संघ कार्यकर्ताओं से गेट पर वाहन रोक कर पूछताछ करते स्वयंसेवक।
- फोटो : amarujala
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कैराना मामले को देखते हुए हिंदुओं के पलायन को लेकर संघ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसे यूपी चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी है। रविवार को यहां बिठूर क्षेत्र में आयोजित प्रांत प्रचारकों की वार्षिक बैठक में संघ प्रमुख ने प्रचारकों के बीच इस पर चिंता जताई।
उन्होेंने कहा कि यह दुखद व चौंकाने वाला पहलू है कि अपने ही देश में हिंदुओं को घर छोड़कर जाना पड़ रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रात्रि के भोजन के बाद हुई चर्चा में भी संघ की कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने भी चिंता जाहिर की।
पता चला है कि संघ आने वाले दिनों में यूपी में हिंदुओं के खिलाफ इस तरह की हो रही साजिश पर बड़ा कदम उठा सकती है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रांत प्रचारकोें की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने आए सरसंघ चालक मोहन भागवत और प्रमुख पदाधिकारियों के बीच रविवार को विभिन्न मुद्दों पर गहन चिंतन हुआ।
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पदाधिकारियों के बीच हुई चर्चा में यह बात निकलकर आई कि संघ यूपी समेत सभी पर्वतीय और सीमावर्ती राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर मजबूती चाहता है।
पदाधिकारियों के बीच मंशा जाहिर की गई कि यह तभी संभव हो पाएगा, जब एक अनुशासित सरकार इन राज्यों में चुनी जाए। इसके लिए संघ भाजपा को सर्वोच्च मानता है। 2017 में इन्हीं राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
संघ प्रमुख भागवत, सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी और सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह भगैयाजी और बौद्घिक प्रमुख स्वांत रंजन सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में कुछ समय पहले हुई राष्ट्रीय कार्य समिति में लिए गए फैसलों पर अमल करने पर भी चर्चा हुई। देश के अन्य राज्यों के साथ यूपी में संघ की सदस्य संख्या अभी तक कितनी बढ़ी और अभी इस पर आगे किस तरह से काम करना है, इस मसले पर भी विचार विमर्श हुआ।
पदाधिकारियों के बीच हुई अनौपचारिक वार्ता में यह बात निकलकर आई है कि भाजपा अपने तरीके से जो करना है करे, संघ की गतिविधियां अलग होंगी। लेकिन उसका फायदा पूरी तरह से भाजपा को ही मिलेगा। खासकर उप्र के विधानसभा चुनाव में इस तरह की रणनीति अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
पहला बड़ा काम होगा संघ और उससे जुड़े संगठनों की सदस्य संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही उनकी गतिविधियों को गांव-गांव घर-घर तक पहुंचाया जाए। शाम के समय प्रांत प्रचारकों की बैठक में कहा गया कि हिंदू समाज कभी किसी जाति वर्ग विशेष के विरोध में नहीं रहा है। लेकिन वर्तमान में हालात कुछ ऐसे हो रहे हैं कि सभी इस पर नए सिरे से सोचने की जरूरत है। पता चला है कि कैराना मुद्दे के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओें पर अगले दिनों की बैठकों में चर्चा होगी।
संघ दिखाएगा मिशन 2017 में सफलता का रास्ता
कानपुर। महानगर में संघ प्रचारकों की वार्षिक बैठक की शुरुआत रविवार को ध्वज प्रणाम से हुई। महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट बिठूर परिसर में रविवार को सुबह से देर शाम तक कई बैठकें आयोजित की गईं। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी सोमवार को संघ की वार्षिक बैठक के कार्यक्रम में आ सकती है। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने को लेकर भी शाम के समय चर्चा रही।
बताया जा रहा है कि यूपी चुनाव के मद्देनजर संघ बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है, ऐसे में भाजपा के बड़े नेता इस बीच यहां आकर गुरु मंत्र लेंगे। इसी कड़ी में इन दोनों नेताओं के यहां आने की बात कही जा रही है। 17 जुलाई तक चलने वाली इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने वालों की सूची में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, सांसद आदित्यनाथ के आने की बात कही जा रही है।
रविवार दिन में तीन बजे तक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहा। शाम के समय प्रांत प्रचारकों की दो दौर की बैठक हुई। एक सात से आठ बजे तक, दूसरी साढ़े नौ से 10 बजे तक। पहले संघ प्रमुख और फिर सर कार्यवाह ने संबोधित किया। इस मौके पर कुछ स्वयं सेवक बाहर से आकर शामिल हुए। फिर वह वापस चले गए। बच्चे भी गणवेश में इस मौके पर मौजूद रहे। इससे पूर्व ध्वज प्रणाम के दौरान संघ प्रमुख ने प्रांत प्रचारकों का परिचय प्राप्त किया।
कई शिक्षण संस्थाओं के छात्र, जो संघ से जुड़े हैं, उन्हें परिसर में सुरक्षा से लेकर कई तरह की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार की सुबह प्रांत प्रचारकों की मुख्य बैठक 9 बजे होगी, जिसे मोहन भागवत संबोधित करेंगे।
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उन्होेंने कहा कि यह दुखद व चौंकाने वाला पहलू है कि अपने ही देश में हिंदुओं को घर छोड़कर जाना पड़ रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रात्रि के भोजन के बाद हुई चर्चा में भी संघ की कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने भी चिंता जाहिर की।
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पता चला है कि संघ आने वाले दिनों में यूपी में हिंदुओं के खिलाफ इस तरह की हो रही साजिश पर बड़ा कदम उठा सकती है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रांत प्रचारकोें की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने आए सरसंघ चालक मोहन भागवत और प्रमुख पदाधिकारियों के बीच रविवार को विभिन्न मुद्दों पर गहन चिंतन हुआ।
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पदाधिकारियों के बीच हुई चर्चा में यह बात निकलकर आई कि संघ यूपी समेत सभी पर्वतीय और सीमावर्ती राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर मजबूती चाहता है।
पदाधिकारियों के बीच मंशा जाहिर की गई कि यह तभी संभव हो पाएगा, जब एक अनुशासित सरकार इन राज्यों में चुनी जाए। इसके लिए संघ भाजपा को सर्वोच्च मानता है। 2017 में इन्हीं राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
संघ प्रमुख भागवत, सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी और सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह भगैयाजी और बौद्घिक प्रमुख स्वांत रंजन सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में कुछ समय पहले हुई राष्ट्रीय कार्य समिति में लिए गए फैसलों पर अमल करने पर भी चर्चा हुई। देश के अन्य राज्यों के साथ यूपी में संघ की सदस्य संख्या अभी तक कितनी बढ़ी और अभी इस पर आगे किस तरह से काम करना है, इस मसले पर भी विचार विमर्श हुआ।
पदाधिकारियों के बीच हुई अनौपचारिक वार्ता में यह बात निकलकर आई है कि भाजपा अपने तरीके से जो करना है करे, संघ की गतिविधियां अलग होंगी। लेकिन उसका फायदा पूरी तरह से भाजपा को ही मिलेगा। खासकर उप्र के विधानसभा चुनाव में इस तरह की रणनीति अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
पहला बड़ा काम होगा संघ और उससे जुड़े संगठनों की सदस्य संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही उनकी गतिविधियों को गांव-गांव घर-घर तक पहुंचाया जाए। शाम के समय प्रांत प्रचारकों की बैठक में कहा गया कि हिंदू समाज कभी किसी जाति वर्ग विशेष के विरोध में नहीं रहा है। लेकिन वर्तमान में हालात कुछ ऐसे हो रहे हैं कि सभी इस पर नए सिरे से सोचने की जरूरत है। पता चला है कि कैराना मुद्दे के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओें पर अगले दिनों की बैठकों में चर्चा होगी।
संघ दिखाएगा मिशन 2017 में सफलता का रास्ता
कानपुर। महानगर में संघ प्रचारकों की वार्षिक बैठक की शुरुआत रविवार को ध्वज प्रणाम से हुई। महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट बिठूर परिसर में रविवार को सुबह से देर शाम तक कई बैठकें आयोजित की गईं। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी सोमवार को संघ की वार्षिक बैठक के कार्यक्रम में आ सकती है। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने को लेकर भी शाम के समय चर्चा रही।
बताया जा रहा है कि यूपी चुनाव के मद्देनजर संघ बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है, ऐसे में भाजपा के बड़े नेता इस बीच यहां आकर गुरु मंत्र लेंगे। इसी कड़ी में इन दोनों नेताओं के यहां आने की बात कही जा रही है। 17 जुलाई तक चलने वाली इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने वालों की सूची में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, सांसद आदित्यनाथ के आने की बात कही जा रही है।
रविवार दिन में तीन बजे तक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहा। शाम के समय प्रांत प्रचारकों की दो दौर की बैठक हुई। एक सात से आठ बजे तक, दूसरी साढ़े नौ से 10 बजे तक। पहले संघ प्रमुख और फिर सर कार्यवाह ने संबोधित किया। इस मौके पर कुछ स्वयं सेवक बाहर से आकर शामिल हुए। फिर वह वापस चले गए। बच्चे भी गणवेश में इस मौके पर मौजूद रहे। इससे पूर्व ध्वज प्रणाम के दौरान संघ प्रमुख ने प्रांत प्रचारकों का परिचय प्राप्त किया।
कई शिक्षण संस्थाओं के छात्र, जो संघ से जुड़े हैं, उन्हें परिसर में सुरक्षा से लेकर कई तरह की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार की सुबह प्रांत प्रचारकों की मुख्य बैठक 9 बजे होगी, जिसे मोहन भागवत संबोधित करेंगे।