{"_id":"617ea3c1fe99c626000da78d","slug":"unbridled-prices-reduce-the-demand-for-diesel-petrol","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: बेलगाम कीमतों ने घटा दी डीजल-पेट्रोल की मांग, लोगों ने वाहनों के अत्यधिक इस्तेमाल से बनाई दूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: बेलगाम कीमतों ने घटा दी डीजल-पेट्रोल की मांग, लोगों ने वाहनों के अत्यधिक इस्तेमाल से बनाई दूरी
Sun, 31 Oct 2021 07:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 31 Oct 2021 07:44 PM IST
सार
पेट्रोल एंड एचएसडी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमशंकर मिश्रा बताते हैं कि महंगाई की वजह से शहर में डीजल और पेट्रोल की खपत में इस महीने 10 से 15 फीसदी की कमी आई है। करीब 60 फीसदी पेट्रोल पंप संचालकों ने इस महीने 20 फीसदी स्टॉक कम लिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीजल और पेट्रोल लोगों की ऐसी जरूरत में शामिल हो गया है, जिसके बिना काम नहीं चलता। कीमत कितनी भी बढ़े, लेकिन खपत होनी ही है। बावजूद इसके डीजल और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का असर इसकी खपत पर पड़ा है। इससे पेट्रोल पंप संचालकों का मुनाफा भी कम हुआ है और कारोबार मुश्किल दौर से गुजर रहा है।
पेट्रोल एंड एचएसडी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमशंकर मिश्रा बताते हैं कि महंगाई की वजह से शहर में डीजल और पेट्रोल की खपत में इस महीने 10 से 15 फीसदी की कमी आई है। करीब 60 फीसदी पेट्रोल पंप संचालकों ने इस महीने 20 फीसदी स्टॉक कम लिया है।
करीब 30 फीसदी संचालकों ने 10 से 15 फीसदी स्टॉक घटाया है। हालांकि, 10 फीसदी संचालकों की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा। ये आंकड़े बताते हैं कि बेतहाशा महंगाई की वजह से लोगों ने डीजल और पेट्रोल के इस्तेमाल से थोड़ी-बहुत दूरी बनाई है। बजट नियंत्रित करने के लिए आवागमन के दूसरे उपाय अपनाए हैं।
विज्ञापन
कुछ ने बाइक और कारों का इस्तेमाल सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही करना शुरू कर दिया है। कुछ ने वाहनों की शेयरिंग शुरू कर दी है। ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है, जो बात-बात पर बाइक निकालते थे पर अब आसपास के काम पैदल ही निपटाते हैं। इस सब का असर खपत पर पड़ा है।
विज्ञापन
पेट्रोल एंड एचएसडी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमशंकर मिश्रा बताते हैं कि महंगाई की वजह से शहर में डीजल और पेट्रोल की खपत में इस महीने 10 से 15 फीसदी की कमी आई है। करीब 60 फीसदी पेट्रोल पंप संचालकों ने इस महीने 20 फीसदी स्टॉक कम लिया है।
विज्ञापन
करीब 30 फीसदी संचालकों ने 10 से 15 फीसदी स्टॉक घटाया है। हालांकि, 10 फीसदी संचालकों की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा। ये आंकड़े बताते हैं कि बेतहाशा महंगाई की वजह से लोगों ने डीजल और पेट्रोल के इस्तेमाल से थोड़ी-बहुत दूरी बनाई है। बजट नियंत्रित करने के लिए आवागमन के दूसरे उपाय अपनाए हैं।
विज्ञापन
कुछ ने बाइक और कारों का इस्तेमाल सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही करना शुरू कर दिया है। कुछ ने वाहनों की शेयरिंग शुरू कर दी है। ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है, जो बात-बात पर बाइक निकालते थे पर अब आसपास के काम पैदल ही निपटाते हैं। इस सब का असर खपत पर पड़ा है।
महीने में औसत खपत
पेट्रोल 40,00,000 लीटर
डीजल 90,00,000 लीटर
शहर में कुल पेट्रोल पंप 250
व्यापार के सिलसिले में पहले ओला बाइक से सप्ताह में कई बार बाजार आता-जाता था। इस पर 55 से 60 रुपये खर्च होते थे। अब ओला बाइक में केवल एक तरफ से जाने में ही 60-65 रुपये चार्ज लग रहा है। आने-जाने में 120 से 125 का खर्च आ रहा है। अब ई-रिक्शा में सवारियों के साथ बैठकर आनाजाना करता हूं। - राजीव मेहरा, व्यापारी, गुमटी नंबर पांच
पहले जरा सा काम होता तो बाइक उठाकर निकल लेता था। अब दो-तीन दिन का काम इकट्ठा कर लेता हूं, फिर बाइक निकालता हूं। अब किसी के घर जाकर मिलने के बजाय फोन से काम चलाने की कोशिश करता हूं।- नसीम रजा, कारोबारी, ग्वालटोली
पहले बाइक से कोचिंग पढ़ाने जाता था। दो हजार रुपये में पूरे माह का पेट्रोल खर्च आता था। पिछले दो माह से यह तीन हजार रुपये के आसपास पहुंच गया है। इसलिए अब आसपास की कोचिंग में पैदल जाकर पढ़ाता हूं। दूर के लिए ही गाड़ी का इस्तेमाल करता हूं। - आदित्य शुक्ला, शिक्षक
पेट्रोल 40,00,000 लीटर
डीजल 90,00,000 लीटर
शहर में कुल पेट्रोल पंप 250
व्यापार के सिलसिले में पहले ओला बाइक से सप्ताह में कई बार बाजार आता-जाता था। इस पर 55 से 60 रुपये खर्च होते थे। अब ओला बाइक में केवल एक तरफ से जाने में ही 60-65 रुपये चार्ज लग रहा है। आने-जाने में 120 से 125 का खर्च आ रहा है। अब ई-रिक्शा में सवारियों के साथ बैठकर आनाजाना करता हूं। - राजीव मेहरा, व्यापारी, गुमटी नंबर पांच
पहले जरा सा काम होता तो बाइक उठाकर निकल लेता था। अब दो-तीन दिन का काम इकट्ठा कर लेता हूं, फिर बाइक निकालता हूं। अब किसी के घर जाकर मिलने के बजाय फोन से काम चलाने की कोशिश करता हूं।- नसीम रजा, कारोबारी, ग्वालटोली
पहले बाइक से कोचिंग पढ़ाने जाता था। दो हजार रुपये में पूरे माह का पेट्रोल खर्च आता था। पिछले दो माह से यह तीन हजार रुपये के आसपास पहुंच गया है। इसलिए अब आसपास की कोचिंग में पैदल जाकर पढ़ाता हूं। दूर के लिए ही गाड़ी का इस्तेमाल करता हूं। - आदित्य शुक्ला, शिक्षक
जिम या मोहल्ले में कहीं जाना होता है, तो बाइक नहीं निकालता हूं। दूर जाना होता है तो साथी ढूंढ लेता हूं। दीपावली में स्पोर्ट्स बाइक लेने का विचार बनाया था, मगर गाड़ी का एवरेज और पेट्रोल के दाम सुनकर इरादा बदल दिया। यही हाल रहा तो इलेक्ट्रिक गाड़ी लेनी पड़ेगी। - ऋषभ दुबे, जूही लाल कॉलोनी
दो महीने पहले तक फॉर्च्यूनर कार में हर महीने छह से सात हजार रुपये का डीजल लगता था। एक महीने में लगभग उतनी ही गाड़ी चली और करीब साढ़े नौ हजार रुपये का डीजल लगा। आनाजाना तो कम नहीं हुआ है, लेकिन खर्च बढ़ गया है।- राशिद महमूद शिब्बू अंसारी, चमनगंज
लोहे का व्यापारी हूं। पहले लोहे का स्क्रैप 20 से 22 रुपये किलो आता था। अब 32 रुपये किलो हो गया है। माल भाड़ा भी काफी बढ़ा है। प्रॉफिट मार्जिन कम हो गया है। पहले हफ्ते भर में 1300 रुपये का डीजल भरवाता था। अब उतना ही डीजल 1900 रुपए में आता है। - राजीव अग्रवाल, व्यापारी
दो महीने पहले तक फॉर्च्यूनर कार में हर महीने छह से सात हजार रुपये का डीजल लगता था। एक महीने में लगभग उतनी ही गाड़ी चली और करीब साढ़े नौ हजार रुपये का डीजल लगा। आनाजाना तो कम नहीं हुआ है, लेकिन खर्च बढ़ गया है।- राशिद महमूद शिब्बू अंसारी, चमनगंज
लोहे का व्यापारी हूं। पहले लोहे का स्क्रैप 20 से 22 रुपये किलो आता था। अब 32 रुपये किलो हो गया है। माल भाड़ा भी काफी बढ़ा है। प्रॉफिट मार्जिन कम हो गया है। पहले हफ्ते भर में 1300 रुपये का डीजल भरवाता था। अब उतना ही डीजल 1900 रुपए में आता है। - राजीव अग्रवाल, व्यापारी
ऐसे बढ़े पेट्रोल के भाव
तारीख पेट्रोल डीजल
एक अक्तूबर 2020 70.83 रुपये 70.92 रुपये
एक जनवरी 2021 83.53 रुपये 80.95 रुपये
एक जून 2021 91.61 रुपये 86.30 रुपये
आठ अक्तूबर 2021 100.33 रुपये 92.30 रुपये
30 अक्तूबर 2021 105.58 रुपये 97.88 रुपये
नोट : उक्त अवधि में पेट्रोल में कुल वृद्धि 34.75 रुपये और डीजल में 26.92 रुपये।
तारीख पेट्रोल डीजल
एक अक्तूबर 2020 70.83 रुपये 70.92 रुपये
एक जनवरी 2021 83.53 रुपये 80.95 रुपये
एक जून 2021 91.61 रुपये 86.30 रुपये
आठ अक्तूबर 2021 100.33 रुपये 92.30 रुपये
30 अक्तूबर 2021 105.58 रुपये 97.88 रुपये
नोट : उक्त अवधि में पेट्रोल में कुल वृद्धि 34.75 रुपये और डीजल में 26.92 रुपये।