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सीएसजेएम में दो करोड़ से होगा इंटरनेट अपडैट
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 18 Feb 2015 03:00 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस के विभिन्न विभाग और संबद्ध कॉलेजों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने दो करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। कंप्यूटराइजेशन का काम और तेज होगा। इसको लेकर कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने एक कमेटी गठित की है।
इस कमेटी को 31 मार्च 2015 से पहले ही इंटरनेट, कंप्यूटराइजेशन का काम पूरा कराना है। यूनिवर्सिटी का दायरा प्रदेश के 15 जिलों तक फैला है। 1050 कॉलेजों को संबद्धता मिल चुकी है, जिनमें कि 14 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। इनके एग्जाम फार्म ऑनलाइन भरवाए जाते हैं।
प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट ऑनलाइन कर दिए गए हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड कर स्टूडेंट्स को देने का काम भी चल रहा है। नौ मार्च से प्रोफेशनल कोर्स के फार्म ऑनलाइन भरे जाने हैं। इससे पहले ही इंटरनेट सर्विस और कंप्यूटर सिस्टम को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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इसी सिलसिले में सोमवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता में मीटिंग भी हुई। कुलपति ने कहा कि इंटरनेट, कंप्यूटर का अनुदान ठीक से इस्तेमाल हो, इसके लिए एक कमेटी काम करेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा है कि स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी का चक्कर न काटना पड़े।
जरूरी औपचारिकता पूरी करके स्टूडेंट अपने घर से ही शैक्षिक दस्तावेज डाउनलोड कर लें। इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। यूजीसी से जो अनुदान मिला है, उसका इस्तेमाल मार्च 2015 तक करना है।
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इस कमेटी को 31 मार्च 2015 से पहले ही इंटरनेट, कंप्यूटराइजेशन का काम पूरा कराना है। यूनिवर्सिटी का दायरा प्रदेश के 15 जिलों तक फैला है। 1050 कॉलेजों को संबद्धता मिल चुकी है, जिनमें कि 14 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। इनके एग्जाम फार्म ऑनलाइन भरवाए जाते हैं।
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प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट ऑनलाइन कर दिए गए हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड कर स्टूडेंट्स को देने का काम भी चल रहा है। नौ मार्च से प्रोफेशनल कोर्स के फार्म ऑनलाइन भरे जाने हैं। इससे पहले ही इंटरनेट सर्विस और कंप्यूटर सिस्टम को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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इसी सिलसिले में सोमवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता में मीटिंग भी हुई। कुलपति ने कहा कि इंटरनेट, कंप्यूटर का अनुदान ठीक से इस्तेमाल हो, इसके लिए एक कमेटी काम करेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा है कि स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी का चक्कर न काटना पड़े।
जरूरी औपचारिकता पूरी करके स्टूडेंट अपने घर से ही शैक्षिक दस्तावेज डाउनलोड कर लें। इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। यूजीसी से जो अनुदान मिला है, उसका इस्तेमाल मार्च 2015 तक करना है।