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कोरोनावायरस: बचाव को मुंह पर रूमाल बांधना काफी, एन-95 मास्क की जरूरत सभी के लिए नहीं
Fri, 06 Mar 2020 10:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 06 Mar 2020 10:58 AM IST
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कोरोना का डर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस से बचने के लिए सभी को एन-95 मास्क की जरूरत नहीं है। मुंह पर ढंग से रूमाल बांधकर संक्रमण से बचा जा सकता है। इस मास्क की जरूरत कोरोना प्रभावित मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टरों को है, क्योंकि वे मरीज के लगातार संपर्क में रहते हैं।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कीमेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि कोरोना वायरस का साइज बड़ा है जिससे मुंह पर कपड़ा बांधना ही सुरक्षित है। स्वाइन फ्लू के लिए एन-95 मास्क की जरूरत पड़ती है। डॉ. रिचा गिरि ने कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सफाई रखने पर जोर दिया।
कहा कि हाथों को बराबर धोते रहें। बाहर जाने और किसी चीज को छुएं तो सेनेटाइजर आदि से हाथ साफ कर लें। घर आने पर साबुन से कई बार हाथ धोएं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खांसने पर वायरस आसपास की चीजों पर रुक जाता है। मॉल में स्वचलित सीढ़ियों की रेलिंग, टेबल, कुर्सी के हत्थे आदि पर वायरस रुका रहता है। इन पर हाथ रखने और फिर मुंह, नाक, आंख को छुने से संक्रमण का खतरा है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कीमेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि कोरोना वायरस का साइज बड़ा है जिससे मुंह पर कपड़ा बांधना ही सुरक्षित है। स्वाइन फ्लू के लिए एन-95 मास्क की जरूरत पड़ती है। डॉ. रिचा गिरि ने कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सफाई रखने पर जोर दिया।
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कहा कि हाथों को बराबर धोते रहें। बाहर जाने और किसी चीज को छुएं तो सेनेटाइजर आदि से हाथ साफ कर लें। घर आने पर साबुन से कई बार हाथ धोएं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खांसने पर वायरस आसपास की चीजों पर रुक जाता है। मॉल में स्वचलित सीढ़ियों की रेलिंग, टेबल, कुर्सी के हत्थे आदि पर वायरस रुका रहता है। इन पर हाथ रखने और फिर मुंह, नाक, आंख को छुने से संक्रमण का खतरा है।
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