‘काल’ था ‘लव मैरिज’ का वो तीसरा दिन, गठरी में मिलीं पार्टी कर लौट रहे दो दोस्तों की लाशें
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उस लड़की को क्या पता था कि लव मैरिज के ठीक तीसरे दिन उसे अपने पति की लाश गठरी में बंधी मिलेगी। ससुरालवालों की गालियां सुनकर वो बार-बार बेहोश हो जा रही थी। मामला यूपी के कानपुर शहर का है। पनकी पड़ाव में रविवार रात ट्रेन हादसे का शिकार हुए दो दोस्त पार्टी करके लौट रहे थे। इनमें से एक युवक ने तीन दिन पहले ही प्रेम विवाह किया था। उसने ही पार्टी रखी थी।
पति की मौत की सूचना पाकर नवविवाहिता पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और पति का शव गठरी में बंधा देख बिलख पड़ी। वह कई बार बेहोश हुई। मां ने किसी तरह उसे संभाला, लेकिन ससुराल वाले उसे कोसते रहे। यही नहीं उसे पीटने की भी कोशिश हुई, ससुरालवाले कह रहे थे इसी की वजह से उनके बेटे की मौत हुई है।
पनकी के पनका बहादुर नगर निवासी लक्ष्मी नारायण के तीन बेटों में मंझला बेटा विजय बहादुर मिश्रा (32) दर्शनपुरवा में कपड़ों के एक शोरूम में नौकरी करता था। उसने 11 मई को गांधी नगर की एक युवती से आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। फिर 12 मई को दोनों ने कोर्ट में शादी की थी। रविवार को विजय की छुट्टी थी। उसने गांधी नगर निवासी प्रदीप कुमार के बेटे अपने दोस्त शानू कुमार वर्मा (35) को रविवार को शादी की पार्टी दी थी। शानू के भाई भानू ने बताया कि दोपहर तीन बजे विजय अपने भाई अजय की बाइक लेकर उनके घर आया था।
कुछ देर घर में रुकने के बाद विजय और शानू चले गए थे। रात भर विजय और शानू अपने घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश की। जब कुछ पता नहीं चला तो वे लोग थकहार घर में सो गए। विजय के भाई अजय ने बताया कि सुबह अमर उजाला में ट्रेन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत की खबर पढ़कर वह पोस्टमार्टम हाउस आए और कपड़ों से भाई की पहचान की। इसके बाद शानू के घरवालों को पूरा वाकया बताया। शानू के घरवाले भी वहां पहुंच गए। शानू दर्शनपुरवा के एक प्रिंटिग प्रेस में काम करता था।
नवविवाहिता को पीटने की कोशिश
दो भाइयों में छोटा था शानू
प्रदीप कुमार के दो बेटे भानू और शानू थे। बेटे की मौत की खबर पाकर मां उर्मिला देवी भी रिश्तेदारों के संग पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और शव देख रो पड़ी। वह और प्रदीप रोने के बाद बेहोश हो गए।
10 मिनट पहले ही विजय ने छोटे भाई से बात की थी
लगाए थे ईयर फोन
रविवार रात 10:30 बजे बंद रेलवे क्रासिंग पार करते वक्त विजय और शानू जोगबनी और राजधानी एक्सप्रेस के बीच फंस गए थे। दोनों ट्रेन की चपेट में आए और चीथड़े उड़ गए। रात में उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि हादसे के वक्त विजय और शानू ईयर फोन लगाए थे। दोनों को गेट मैन ने ट्रेन आने का हवाला देकर रोका था, लेकिन उन्होंने नहीं सुना।