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Kanpur News: असालतगंज गोशाला में दो गोवंश मरे, तीन मरणासन्न
Sun, 11 Oct 2026 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:20 AM IST
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रसूलाबाद। ब्लॉक में असालतगंज स्थित गोशाला में सही देखरेख के अभाव में दो गोवंशों की मौत हो गई। जबकि तीन गोवंश मरणासन्न हैं। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को भेजकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष अरविंद सेंगर ने बताया कि असालतगंज में गोवंशों के दुर्दशा होने की जानकारी मिलने पर साथी ओमजी तिवारी, चिंटू गुप्ता, सुनील राठौर, कल्लू सविता आदि लोगों के साथ मौके पर गए। गोशाला में उन्हें केवल एक केयरटेकर मिला। जबकि वहां छह केयरटेकरों की नियुक्ति है। मौके पर उन्हें तीन गोवंश मरणासन्न मिले। इन मवेशियों की आंखें चील कौवे खा गए थे। जिससे खून रिस रहा था। इसके अतिरिक्त दो गोवंश मरे पड़े मिले।
वहां मिले केयरटेकर ने उन्हें बताया कि गायों के लिए आने वाला चोकर सीधे प्रधान के यहां उतरता है। यहां गायों को चोकर नहीं मिलता है। गायों के लिए हरा चारा भी उपलब्ध नहीं था। निष्पक्ष जांच करवा कर डीएम से कार्रवाई की मांग की गई है। बीडीओ नरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो मौके पर गए थे। पशु चिकित्सक के छुट्टी पर होने के कारण तीन बीमार गोवंशों की उपचार नहीं हो पाया था। इसके लिए उन्होंने दूसरे पशु चिकित्सक डॉक्टर विनय को बुलवाया और उनका उपचार करवाया। मरे हुए गोवंशों को उचित तरीके से गड्ढा खुदवा कर निस्तारण कर दिया गया है। लापरवाही की जांच की जा रही है।
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष अरविंद सेंगर ने बताया कि असालतगंज में गोवंशों के दुर्दशा होने की जानकारी मिलने पर साथी ओमजी तिवारी, चिंटू गुप्ता, सुनील राठौर, कल्लू सविता आदि लोगों के साथ मौके पर गए। गोशाला में उन्हें केवल एक केयरटेकर मिला। जबकि वहां छह केयरटेकरों की नियुक्ति है। मौके पर उन्हें तीन गोवंश मरणासन्न मिले। इन मवेशियों की आंखें चील कौवे खा गए थे। जिससे खून रिस रहा था। इसके अतिरिक्त दो गोवंश मरे पड़े मिले।
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वहां मिले केयरटेकर ने उन्हें बताया कि गायों के लिए आने वाला चोकर सीधे प्रधान के यहां उतरता है। यहां गायों को चोकर नहीं मिलता है। गायों के लिए हरा चारा भी उपलब्ध नहीं था। निष्पक्ष जांच करवा कर डीएम से कार्रवाई की मांग की गई है। बीडीओ नरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो मौके पर गए थे। पशु चिकित्सक के छुट्टी पर होने के कारण तीन बीमार गोवंशों की उपचार नहीं हो पाया था। इसके लिए उन्होंने दूसरे पशु चिकित्सक डॉक्टर विनय को बुलवाया और उनका उपचार करवाया। मरे हुए गोवंशों को उचित तरीके से गड्ढा खुदवा कर निस्तारण कर दिया गया है। लापरवाही की जांच की जा रही है।
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