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लाेकसभा चुनाव 2019 से पहले बड़ा खुलासा, सपा-बसपा नेताओं के गठजोड़ से फल-फूल रहा था 'मौत का कारोबार'

Tue, 19 Mar 2019 05:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 19 Mar 2019 05:40 PM IST
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truth revealed about sp bsp before lok sabha elections 2019
sp bsp - फोटो : अमर उजाला
लाेकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश में चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए सपा बसपा का गठबंधन हुआ है लेकिन यह सिर्फ चुनाव तक ही सीमित नहीं है। सचेंडी से लेकर घाटमपुर तक बसपा और सपा नेताओं के गठजोड़ से शराब का अवैध कारोबार पनपा है।
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नेतागीरी की धौंस की वजह से पुलिस प्रशासन हमेशा नतमस्तक रहा। आरोपियों को शहर के एक सपा नेता की भी शह मिली हुई थी। यही वजह है कि करीब नौ महीने पहले सचेंड व देहात में जहरीली शराब से लोग मरे और अब घाटमपुर, बिधनू और महाराजपुर में 11 लोगों की जानें गईं।
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नेता के साथ वकालत की हनक

सीओ घाटमपुर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपी बसपा नेता योगेंद्र कुशवाहा और अमित अवस्थी पेशे से वकील भी हैं। ऐसे में वह हर किसी पर दबाव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। आरोपी विमल कुशवाहा परकानपुर शहर के एक बड़े सपा नेता का हाथ रहा है। यही वजह है कि  दोनों मिलकर सात वर्षों से अवैध शराब का कारोबार कर रहे थे।


तीन-चार बार छुड़वाया गया
पुलिस के मुताबिक जेल भेजा जा चुका विमल कुशवाहा 2012 से 2016 के बीच तीन-चार बार पकड़ा भी गया तो सपा नेता ने उसकी पैरवी की और उसको छुड़वाया। इस वजह से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा और उसने योगेंद्र के साथ मिलकर शराब का कारोबार जारी रखा। पुलिस को आशंका है कि सपा नेता को भी मोटी रकम ये शराब कारोबारी देते थे।


 

सचेंडी शराब कांड से ये है कनेक्शन

पुलिस ने योगेंद्र कुशवाहा के साथ घाटमपुर निवासी कोमल सचान को भी जेल भेजा है। सीओ के मुताबिक कोमल सचान भी खुद को सपा का नेता बताता था। वह खुद को सचिव बताता था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि वह किस प्रकोष्ठ में सचिव है।

मई 2018 में शराब कांड में सचेंडी व कानपुर देहात मिलकर 18 लोगों की मौतें हुईं थीं। इसमें पूर्व सपा विधायक रामस्वरूप सिंह गौर के नाती नीरज सिंह व विनय सिंह का नाम आया था। सीओ घाटमपुर केमुताबिक इसी गिरोह के साथ मिलकर बसपा नेता योगेंद्र कुशवाहा और विमल कुशवाहा भी शराब का कारोबार कर रहे थे। उस दौरान जब घटना हुई थी तो योगेंद्र व विमल ने खुद को बचा लिया था।

तब से ये सभी घाटमपुर क्षेत्र में अवैध शराब की अधिक सप्लाई कर रहे थे। एसएसपी अनंत देव ने बताया राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने का आरोपियों ने खूब फायदा उठाया था। योगेंद्र खुद पार्टी से जुड़ा था वहीं, दूसरी तरफ सपा नेता का विमल कुशवाहा से सीधा कनेक्शन था। इन्हीं कारणों से अवैध शराब का कारोबार बढ़ता गया।
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