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ट्रेन से कटे पिता-पुत्र के शव को शव ट्रेन में रखकर स्टेशन पहुंचा ट्रेन ड्राइवर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:25 PM IST
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गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में काली नदी में मरा बकरा फेंक कर लौट रहे पिता-पुत्र की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। साथ में मौजूद युवक जान बचाने के लिए नदी में कूद गया।
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नदी में मरा बकरा फेंक कर लौट रहे थे पिता-पुत्र
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मलिकपुर (कन्नौज)। रेलवे पुल से काली नदी में मरा बकरा फेंक कर लौट रहे पिता-पुत्र की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। साथ में मौजूद युवक जान बचाने के लिए नदी में कूद गया। इससे गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। यह हादसा शनिवार सुबह गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में काली नदी के पुल पर हुआ।
गुरसहायगंज कोतवाली के अमरौली गांव के रावेंद्र सक्सेना (35) इन दिनों परिवार के साथ फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज स्थित मनुआ भगवना मंदिर के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। शुक्रवार रात उनका बकरा मर गया। शनिवार सुबह करीब आठ बजे अपने आठ वर्षीय पुत्र नितिन और 22 वर्षीय साले अमन वीरपाल के साथ मरे बकरे को रेलवे पुल से काली नदी में फेंककर लौट रहे थे।
वे लोग बीच पुल पर ही थे कि फर्रुखाबाद से कानपुर की ओर जा रही अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस आ गई। इन्हें बचने का मौका ही नहीं मिला और रावेंद्र व बेटे नितिन ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। नदी में छलांग लगाने से अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा देख चालक ने कुछ दूरी पर ट्रेन रोकी और दोनों शव ट्रेन में रखकर गुरसहायगंज स्टेशन लाकर पुलिस को सौंप दिए। हादसे की जानकारी पाकर मौके पर आए परिजनों ने अमन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह और उप निरीक्षक आरबी सिंह ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए।
गुरसहायगंज कोतवाली के अमरौली गांव के रावेंद्र सक्सेना (35) इन दिनों परिवार के साथ फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज स्थित मनुआ भगवना मंदिर के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। शुक्रवार रात उनका बकरा मर गया। शनिवार सुबह करीब आठ बजे अपने आठ वर्षीय पुत्र नितिन और 22 वर्षीय साले अमन वीरपाल के साथ मरे बकरे को रेलवे पुल से काली नदी में फेंककर लौट रहे थे।
वे लोग बीच पुल पर ही थे कि फर्रुखाबाद से कानपुर की ओर जा रही अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस आ गई। इन्हें बचने का मौका ही नहीं मिला और रावेंद्र व बेटे नितिन ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। नदी में छलांग लगाने से अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा देख चालक ने कुछ दूरी पर ट्रेन रोकी और दोनों शव ट्रेन में रखकर गुरसहायगंज स्टेशन लाकर पुलिस को सौंप दिए। हादसे की जानकारी पाकर मौके पर आए परिजनों ने अमन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह और उप निरीक्षक आरबी सिंह ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए।