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मालगाड़ी की चपेट में आकर सात छुट्टा गोवंश कटे
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रूरा (कानपुर देहात)। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के अंबियापुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार की सुबह ट्रैक पर आए सात छुट्टा गोवंश मालगाड़ी की चपेट में आने से कट गए। मालगाड़ी लगभग पंद्रह मिनट रुकी रही। वहीं, अप की स्पेशल शताब्दी ट्रेन दो मिनट खड़ी रही।
अंबियापुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह लगभग 7:25 बजे अंडरपास के ऊपर रेलवे ट्रैक कुछ छुट्टा गोवंश आ गए। तभी कानपुर की तरफ जा रही डाउन की मालगाड़ी की चपेट में आने से सात गोवंश की कटने से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, मालगाड़ी के चालक ने हार्न दिया, लेकिन मवेशी नहीं हटे। मवेशियों के अवशेष ट्रैक पर बिखरने से चालक ने मालगाड़ी रोक दी।
इधर, कानपुर की तरफ से आ रही अप की स्पेशल शताब्दी ट्रेन को चालक ने रोक लिया। स्पेशल शताब्दी लगभग दो मिनट खड़ी रही। इसके बाद आगे के लिए रवाना हो गई। अंबियापुर स्टेशन मास्टर रोशन राज ने बताया कि ट्रैक पर आने से मालगाड़ी की चपेट में आकर छुट्टा मवेशी कट गए। गनीमत रही कि मालगाड़ी का इंजन सुरक्षित रहा। ट्रक साफ कराकर पंद्रह मिनट बाद मालगाड़ी को रवाना किया गया। स्पेशल शताब्दी दो मिनट खड़ी रही।
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ट्रैक पर मवेशी आने से रहता हादसे का खतरा
छुट्टा या पालतू मवेशी ट्रैक पर न आए इसके लिए निर्देश है। समय समय पर पशुपालकों को भी जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद छुट्टा मवेशी ट्रैक पर आ जाते हैं। मवेशियों को ट्रैक पर आना हादसे की वजह बन सकता है। ट्रैक की निगरानी के लिए कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। आरपीएफ चौकी रूरा के प्रभारी गोपाल सिंह ने बताया कि दो किमी ट्रैक की निगरानी के लिए कर्मी (ट्रैक मैन) की तैनाती होती है। तैनात कर्मी को एक स्थान से दूसरे स्थान पेट्रोलिंग में समय लगता है। ट्रैक के किनारे लगे खेत होने से छुट्टा मवेशी अक्सर ट्रैक पार कर खेतों की तरफ आते जाते हैं। सतर्कता बरती जाएगी। पूरा प्रयास होगा कि इस तरह की घटना न हो।
धीमी थी स्पेशल शताब्दी, चालक ने लगा दिए ब्रेक
अंबियापुर में जिस समय डाउन मालगाड़ी से छुट्टा मवेशी कटे इसी बीच दूसरी ओर से स्पेशल शताब्दी आ गई। स्पेशल शताब्दी की गति धीमी थी। इसकी वजह से हार्न देकर चालक ने ब्रेक लगाए। इससे स्पेशल शताब्दी छुट्टा मवेशियों से टकराने से बच गई। जबकि तेज गति से आ रही मालगाड़ी की चपेट में छुट्टा मवेशी आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्पेशल शताब्दी के चालक ने सतर्कता बरतते हुए तत्काल ब्रेक लिए। जिससे मवेशी सवारी गाड़ी से नहीं टकराए। हार्न बजाने पर कुछ मवेशी खेत की तरफ निकल गए। झुंड के बचे कुछ मवेशी मालगाड़ी की चपेट में आ गए।
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अंबियापुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह लगभग 7:25 बजे अंडरपास के ऊपर रेलवे ट्रैक कुछ छुट्टा गोवंश आ गए। तभी कानपुर की तरफ जा रही डाउन की मालगाड़ी की चपेट में आने से सात गोवंश की कटने से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, मालगाड़ी के चालक ने हार्न दिया, लेकिन मवेशी नहीं हटे। मवेशियों के अवशेष ट्रैक पर बिखरने से चालक ने मालगाड़ी रोक दी।
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इधर, कानपुर की तरफ से आ रही अप की स्पेशल शताब्दी ट्रेन को चालक ने रोक लिया। स्पेशल शताब्दी लगभग दो मिनट खड़ी रही। इसके बाद आगे के लिए रवाना हो गई। अंबियापुर स्टेशन मास्टर रोशन राज ने बताया कि ट्रैक पर आने से मालगाड़ी की चपेट में आकर छुट्टा मवेशी कट गए। गनीमत रही कि मालगाड़ी का इंजन सुरक्षित रहा। ट्रक साफ कराकर पंद्रह मिनट बाद मालगाड़ी को रवाना किया गया। स्पेशल शताब्दी दो मिनट खड़ी रही।
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ट्रैक पर मवेशी आने से रहता हादसे का खतरा
छुट्टा या पालतू मवेशी ट्रैक पर न आए इसके लिए निर्देश है। समय समय पर पशुपालकों को भी जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद छुट्टा मवेशी ट्रैक पर आ जाते हैं। मवेशियों को ट्रैक पर आना हादसे की वजह बन सकता है। ट्रैक की निगरानी के लिए कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। आरपीएफ चौकी रूरा के प्रभारी गोपाल सिंह ने बताया कि दो किमी ट्रैक की निगरानी के लिए कर्मी (ट्रैक मैन) की तैनाती होती है। तैनात कर्मी को एक स्थान से दूसरे स्थान पेट्रोलिंग में समय लगता है। ट्रैक के किनारे लगे खेत होने से छुट्टा मवेशी अक्सर ट्रैक पार कर खेतों की तरफ आते जाते हैं। सतर्कता बरती जाएगी। पूरा प्रयास होगा कि इस तरह की घटना न हो।
धीमी थी स्पेशल शताब्दी, चालक ने लगा दिए ब्रेक
अंबियापुर में जिस समय डाउन मालगाड़ी से छुट्टा मवेशी कटे इसी बीच दूसरी ओर से स्पेशल शताब्दी आ गई। स्पेशल शताब्दी की गति धीमी थी। इसकी वजह से हार्न देकर चालक ने ब्रेक लगाए। इससे स्पेशल शताब्दी छुट्टा मवेशियों से टकराने से बच गई। जबकि तेज गति से आ रही मालगाड़ी की चपेट में छुट्टा मवेशी आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्पेशल शताब्दी के चालक ने सतर्कता बरतते हुए तत्काल ब्रेक लिए। जिससे मवेशी सवारी गाड़ी से नहीं टकराए। हार्न बजाने पर कुछ मवेशी खेत की तरफ निकल गए। झुंड के बचे कुछ मवेशी मालगाड़ी की चपेट में आ गए।