रेल हादसा: आंखें खुली तो छलक आए आंसू, नई जिंदगी के लिए कहा थैंक यू
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पुखरायांं रेल हादसे के तीन घायलों को बुधवार को हैलट से लखनऊ रेफर किया गया जबकि सात घायलों की छुट्टी कर दी गई। कुछ घायल ऐसे भी थे जिन्हें हादसे के दो दिन बाद होश आया था। अस्पताल में आंख खुली तो आंसू छलक पड़े। मौत के मुंह से बाहर निकलने की खुशी इनके चेहरे से छलक रही थी। इनकी जुबान से अहला ही फूट पड़ा थैंक यू.... ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी पाए लोगों के चेहरे पर मुस्कान नजर आई। कहने लगे कि डॉक्टरों, प्रशासन, समाजसेवियों के प्रयासों से उन्हें नई जिंदगी मिली। अब वे अपनों से मिलने के लिए घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रेलवे ने उन्हें और उनके परिजनों को यात्रा पास दिए।
जानकारी के मुताबिक ट्रेन हादसे के तीन घायलों को बुधवार को हैलट से लखनऊ रेफर किया गया जबकि सात घायलों की छुट्टी कर दी गई। डीएम कौशलराज शर्मा, जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार, हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य डॉक्टरों-अफसरों ने हैलट में भर्ती मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली। अति गंभीर, गंभीर और साधारण घायल मरीजों को चिह्नित किया गया। पटना के रवींद्र पंडित, फूला देवी, सुरेंद्र नाथ, प्रयाग मंडल, लालबंगला की ज्योति सिंह, मदन, अंबेडकर नगर की रीना, मोहम्मद इस्लाम, अभोखा, परमाकांत झा की छुट्टी कर दी गई।