फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Tire Pressure Monitoring System Sensor Focused Alert that tire is going to burst

अब टायर बता देंगे कि वे फटने वाले हैं, जी हां...कुछ ऐसा ही होने जा रहा है

Thu, 30 May 2019 10:54 AM IST
प्रशांत कुमार हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 30 May 2019 10:54 AM IST
विज्ञापन
Tire Pressure Monitoring System Sensor Focused Alert that tire is going to burst
गाड़ी के टायर बता देंगे कि वे फटने वाले हैं - फोटो : अमर उजाला
टायर फटने से होने वाले हादसों पर अब अंकुश लग सकेगा। परिवहन मंत्रालय जल्द ही गाड़ियों (चार पहिया व सभी भारी वाहन) में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) लगवाना अनिवार्य करने जा रहा है। उम्मीद है कि नई सरकार के गठन के बाद यह नियम लागू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


यह सेंसर युक्त एक तकनीक है, जो टायर में हवा का दबाव और तापमान बढ़ने पर अलर्ट कर देगी। मंगलवार तड़के ही चकेरी हाईवे पर एक एंबुलेंस टायर फटने से अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई थी। इसमें दो साल के मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। 
विज्ञापन


टायर फटने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ही ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ने गाड़ियों में टीपीएमएस लगवाने के मानक 29 अप्रैल को जारी किए हैं। इन मानकों को केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है और इसका नोटिफिकेशन जारी भी कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए कंपनियां 12,990 रुपये अतिरिक्त चार्ज ले रही हैं

एचबीटीयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद इसका कानून लाकर लागू कर दिया जाएगा। हालांकि इसके पहले ही गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों ने इसे ऑप्शनल एक्सेसरीज के तौर पर ग्राहकों को देना भी शुरू कर दिया है। प्रो. आनंद के मुताबिक मारुति और टोयोटा जैसी कंपनियों ने छोटी कारों में टीपीएमएस इंस्टॉल करना शुरू कर दिया है। इसके लिए कंपनियां 12,990 रुपये अतिरिक्त चार्ज ले रही हैं। 

प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम में पांच सेंसर और एक बॉक्सनुमा डिस्पले स्क्रीन शामिल है। वाल्वनुमा चार सेंसर पहियों में लगाए जाएंगे, जबकि एक सेंसर इंजन में होगा। टायर में लगे सेंसर हवा का दबाव, तापमान, कट, पंचर या किसी भी दूसरे तरह की खराबी पकड़ेंगे जबकि पांचवां सेंसर इंजन पर पड़ने वाले दबाव की जानकारी देगा। इससे ड्राइवर को किसी भी अनहोनी से पहले जानकारी मिल जाएगी और वह वाहन रोककर खामियों को दूर कर सकेगा।

कंपनियों व आम लोगों से इस पर राय मांगी गई थी

प्रो. आनंद कुमार के मुताबिक टायर फटने से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने एआरएआई पुणे की निदेशक उर्धवारिषी की अध्यक्षता में ऑटोमेटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने सिस्टम डेवलपमेंट, टेस्टिंग, सिंबल निर्धारण और फिर उसे लागू करने की प्रक्रिया को लेकर एआरएआई के विशेषज्ञों की 11 सदस्यीय टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) कमेटी गठित की थी। दो साल तक अध्ययन और शोध के बाद इस कमेटी ने पिछले साल 2018 में इस हाईटेक तकनीक को अनिवार्य करने की सिफारिश कर दी थी।

टीपीएमएस की सुझाव के बाद मंत्रालय ने गाड़ियां तैयार करने वाली कंपनियों, टायर तैयार करने वाली कंपनियों व आम लोगों से इस पर राय मांगी थी। मंत्रालय को इस बाबत बड़ी संख्या में लोगों ने सुझाव भेजे थे। सभी का अध्ययन करने के बाद इसे लागू करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed