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मौत से लड़ रही ‘ग्रीष्मा’ ने आखिर दम तोड़ दिया
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 08 Nov 2016 06:04 PM IST
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शेरनी ग्रीष्मा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा सफारी में चार महीने से जिंदगी-मौत से लड़ रही शेरनी ग्रीष्मा की मंगलवार को मौत हो गई। सफारी में एक बार फिर गम के बादल छा गए। ग्रीष्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। इससे पहले लॉयन सफारी में कैनाइन डिस्टेंपर व अन्य संक्रमण की वजह से 4 शेर और 5 शावकों की मौत हो चुकी है। ग्रीष्मा की मौत के बाद अब सफारी में 10 ऐशियांटिक शेर व शावक काल के गाल में समा चुके हैं।
इटावा सफारी पार्क में बीती 3 जुलाई को शेरनी ग्रीष्मा अचानक ही कैनाइन डिस्टेंपर संक्रमण की चपेट में आकर लकवाग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद उसे पहले बाडे़ में इलाज दिया गया लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे 5 जुलाई को सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। देशी-विदेशी डॉक्टरों की सलाह पर खूब इलाज कराया लेकिन ग्रीष्मा की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती गई।उसने खाना पीना कम कर दिया। इलाज कर रहे डॉ. अरविंद त्रिपाठी के अनुसार संक्रमण के चलते ग्रीष्मा के यूरिन बैग में इन्फेक्शन हो गया था और इसके साथ ही शरीर के कई भीतरी अंग भी संक्रमण की चपेट में आ गए थे। वहीं काफी दिनों से एक ही करवट पर पड़े रहने से ग्रीष्मा के पैरों और कूल्हे पर गहरे जख्म हो गए थे। ग्रीष्मा ने चार दिन पहले से तो पूरी तरह से खाना-पीना बंद कर दिया और126 दिन तक जिन्दगी और मौत से जूझने के बाद ग्रीष्मा ने मंगलवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर दम तोड़ दिया।
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इटावा सफारी पार्क में बीती 3 जुलाई को शेरनी ग्रीष्मा अचानक ही कैनाइन डिस्टेंपर संक्रमण की चपेट में आकर लकवाग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद उसे पहले बाडे़ में इलाज दिया गया लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे 5 जुलाई को सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। देशी-विदेशी डॉक्टरों की सलाह पर खूब इलाज कराया लेकिन ग्रीष्मा की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती गई।उसने खाना पीना कम कर दिया। इलाज कर रहे डॉ. अरविंद त्रिपाठी के अनुसार संक्रमण के चलते ग्रीष्मा के यूरिन बैग में इन्फेक्शन हो गया था और इसके साथ ही शरीर के कई भीतरी अंग भी संक्रमण की चपेट में आ गए थे। वहीं काफी दिनों से एक ही करवट पर पड़े रहने से ग्रीष्मा के पैरों और कूल्हे पर गहरे जख्म हो गए थे। ग्रीष्मा ने चार दिन पहले से तो पूरी तरह से खाना-पीना बंद कर दिया और126 दिन तक जिन्दगी और मौत से जूझने के बाद ग्रीष्मा ने मंगलवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर दम तोड़ दिया।
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