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मेडिकल कॉलेज चुस्त, बाकी विभाग सुस्त
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:32 AM IST
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सरकारी इमारतों में मेडिकल कॉलेज में लगा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मंगलवार को चालू हालत में मिला। केडीए की जांच में 56 इमारतों में लगा सिस्टम भी सही पाया गया है। केडीए में सिस्टम तो लगा मिला, लेकिन इसे सही कराने की जरूरत है। अन्य सरकारी इमारतों में या तो सिस्टम लगा ही नहीं है, या फिर उसकी हालत खराब है।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। बारिश से भूगर्भ जलस्तर सुधारने की कोशिशों में मेडिकल कॉलेज अव्वल साबित हुआ है। सरकारी इमारतों में मेडिकल कॉलेज में लगा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मंगलवार को चालू हालत में मिला। केडीए की जांच में 56 इमारतों में लगा सिस्टम भी सही पाया गया है। केडीए में सिस्टम तो लगा मिला, लेकिन इसे सही कराने की जरूरत है। अन्य सरकारी इमारतों में या तो सिस्टम लगा ही नहीं है, या फिर उसकी हालत खराब है।
शहर के गिरते भूगर्भ जलस्तर पर अंकुश के लिए सरकारी स्तर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने की पहल आज से 14 साल पहले शुरू हुई थी। वर्ष 2002 में शहर की करीब 6 से अधिक इमारतों में यह सिस्टम लगाया गया था। अवस्थापना निधि से यह सिस्टम लगवाए गए थे। इनमें केडीए, कलक्ट्रेट, नगर निगम, मेडिकल कॉलेज आदि शामिल थे। रखरखाव के अभाव में सभी सिस्टम खराब हो गए।
केडीए अधिशासी अभियंता एनके भाटिया ने बताया कि जोन-एक के 298 और चार के 61 नक्शों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे में जोन-एक में 56 इमारतों में सिस्टम चालू हालत में मिला है। कई जेई ने रिपोर्ट को कंपाइल करना शुरू कर दिया है। इसी सप्ताह पूरी रिपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगी। केडीए सचिव केपी सिंह के मुताबिक केडीए में फायर सिस्टम के लिए वाॅटर लाइन बिछाई जा रही है। इसी के साथ सिस्टम की भी लाइन सुधरवाई जाएगी। इसी सप्ताह सिस्टम काम करने लगेगा।
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शहर के गिरते भूगर्भ जलस्तर पर अंकुश के लिए सरकारी स्तर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने की पहल आज से 14 साल पहले शुरू हुई थी। वर्ष 2002 में शहर की करीब 6 से अधिक इमारतों में यह सिस्टम लगाया गया था। अवस्थापना निधि से यह सिस्टम लगवाए गए थे। इनमें केडीए, कलक्ट्रेट, नगर निगम, मेडिकल कॉलेज आदि शामिल थे। रखरखाव के अभाव में सभी सिस्टम खराब हो गए।
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केडीए अधिशासी अभियंता एनके भाटिया ने बताया कि जोन-एक के 298 और चार के 61 नक्शों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे में जोन-एक में 56 इमारतों में सिस्टम चालू हालत में मिला है। कई जेई ने रिपोर्ट को कंपाइल करना शुरू कर दिया है। इसी सप्ताह पूरी रिपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगी। केडीए सचिव केपी सिंह के मुताबिक केडीए में फायर सिस्टम के लिए वाॅटर लाइन बिछाई जा रही है। इसी के साथ सिस्टम की भी लाइन सुधरवाई जाएगी। इसी सप्ताह सिस्टम काम करने लगेगा।
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