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बाघ दिखा, पुराना शिकार खाया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 02:48 AM IST
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बाघ ने गुरुवार की रात वन विभाग की टीम को चकमा देेते हुए केज के पास बंधे जिंदा पड़वे को छोड़कर अपना शिकार किया हुआ पड़वा (पड़वे का आधा बचा हुआ गोश्त) खाकर पेट भरा।
इससे वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम को झटका लगा है, हालांकि टीम ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। गुरुवार शाम को कटरी में लगे कैमरों में बाघ की फोटो कैद हुई है।
टीम के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार की रात को पड़वे का बचा हुआ गोश्त और जिंदा पड़वा दोनों ही केज के पास बांधा जाएगा ताकि अगर जिंदा पाड़वा के पास बाघ आता है तो उसका केज से भय दूर हो।
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इससे अगली बार पाड़े को केज में बांधकर उसे पकड़ा जा सकेगा। शुक्रवार सुबह कन्हवापुर गई वन विभाग और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की टीम को बाघ के ताजे पद चिह्न मिले हैं।
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट के डॉक्टर सौरभ संघई ने बताया कि पिछले ढाई महीने से जो बाघ को पकड़ने की रणनीति बनाई गई थी, उसे अब बदल दिया गया है। अब बाघ को पकड़ने के लिए कांबिंग नहीं बल्कि पड़वा का ही सहारा लिया जाएगा।
विभाग ने शुक्रवार को पहाड़ीपुर और कन्हवापुर इलाके को सील कर दिया। कांबिंग बंद कर दी गई है।
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इससे वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम को झटका लगा है, हालांकि टीम ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। गुरुवार शाम को कटरी में लगे कैमरों में बाघ की फोटो कैद हुई है।
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टीम के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार की रात को पड़वे का बचा हुआ गोश्त और जिंदा पड़वा दोनों ही केज के पास बांधा जाएगा ताकि अगर जिंदा पाड़वा के पास बाघ आता है तो उसका केज से भय दूर हो।
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इससे अगली बार पाड़े को केज में बांधकर उसे पकड़ा जा सकेगा। शुक्रवार सुबह कन्हवापुर गई वन विभाग और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की टीम को बाघ के ताजे पद चिह्न मिले हैं।
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट के डॉक्टर सौरभ संघई ने बताया कि पिछले ढाई महीने से जो बाघ को पकड़ने की रणनीति बनाई गई थी, उसे अब बदल दिया गया है। अब बाघ को पकड़ने के लिए कांबिंग नहीं बल्कि पड़वा का ही सहारा लिया जाएगा।
विभाग ने शुक्रवार को पहाड़ीपुर और कन्हवापुर इलाके को सील कर दिया। कांबिंग बंद कर दी गई है।