{"_id":"488c5d61b305a11c9368026d882824d5","slug":"three-lives-pass-away-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत के मुहाने, गईं तीन जानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत के मुहाने, गईं तीन जानें
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 01 Dec 2015 02:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्मार्ट सिटी के हल्ले के बीच सोमवार को शहर में नागरिक सुविधाओं का जनाजा निकालने वाली तीन घटनाएं पेश आईं जिनसे तीन शहरियों की जान चली गई। डफरिन अस्पताल के पीछे सड़क किनारे रखे ट्रांफारमर की जाली में करंट उतरने से एक कपड़ा कारोबारी की जान चली गई वहीं नौबस्ता में खुले नाले में तांगा पलटने से तांगेवाले की मौत हो गई।
काकादेव में भी खुले नाले ने एक की जान ले ली। शहर में ऐसे ‘खुले मौत के मुहाने’ हर जगह हैं और अक्सर हादसे भी होते रहते हैं लेकिन प्रशासन खामोश है। शहरी पूछ रहे हैं कि क्या ऐसे बनेगा कानपुर स्मार्ट सिटी।
नौबस्ता आनंद विहार में सड़क किनारे खुले नाले में गिरकर खड़खड़ा चालक जूही परमपुरवा निवासी सुनील गुप्ता (30) की मौत हो गई। वह तांगे समेत आठ फीट गहरे नाले में गिर गया और तांगे पर लदा लगभग 10 क्विंटल सरिया, तांगे और घोड़े के नीचे दब गया। उसे बाहर निकालने में इलाकाई लोगों को करीब तीस मिनट का समय लग गया, जिससे उसकी सांसें थम गईं।
विज्ञापन
सुनील कर्रही रोड से सरिया लादकर नौबस्ता हमीरपुर रोड की ओर जा रहा था। जैसे ही वह दासू कुंआ पेट्रोल लाइन के सामने स्थित आनंद बिहार से गुजरा तो सड़क किनारे नाले के किनारे गीली मिट्टी से तांगे का पहिया फिसल गया और तांगा नाले में पलट गया। सुनील के नाले में गिरते ही उस पर पूरी सरिया, तांगा और घोड़ा भी लद गया।
आस-पास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन लोहे के बोझ के आगे बेबस नजर जाए। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो दरोगा तो पहुंच गए लेकिन सिपाही काफी देर बाद पहुंचे।
डफरिन के पीछे सड़क किनारे आड़ी-तिरछी जाली में रखे गए ट्रांसफारमर से करंट की चपेट में आकर एक कपड़ा कारोबारी की मौत हो गई। व्यस्त इलाके में हादसा देख आस-पास के लोगों में दहशत पसर गई और उन्होंने ट्रांसफारमर यहां से हटाकर सुरक्षित तरीके से रखवाने की मांग की। इस संबंध में डीएम और केस्को एमडी से मिलने का भी निर्णय किया गया।
किदवई नगर निवासी किशन गोपाल गुप्ता (55) कपड़े का कारोबार करते थे। जनरलगंज, नौघड़ा बाजार से काम निपटाने के बाद वे करीब एक लाख रुपये जमा करने बड़ा चौराहा स्थित जे एंड के बैंक जा रहे थे। बैंक के पास सड़क किनारे रखे ट्रांसफारमर के पास से निकलते समय जाली से उनका हाथ छू गया और वे करंट की चपेट में आकर चिपक गए। दरअसल, ट्रांसफारमर के तार जाली से छू रहे थे जिससे उसमें करंट आ रहा था।
लोगों ने उन्हें चिपके देखा तो बांस-लकड़ी की मदद से किसी तरह छुड़ाया और पुलिस जीप से उर्सला ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। पत्नी आशा, बड़े भाई विशम्भर गुप्ता और दामाद सत्यम उर्सला पहुंचे और बिलख पड़े। मूलगंज थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के समय वे वहीं से गुजर रहे थे और उन्हें जल्दी से उर्सला ले गए लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
काकादेव थाना क्षेत्र के देवकी चौराहे के पास सोमवार को खुले नाले में एक अधेड़ का शव पड़ा मिला। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। शरीर पर काले रंग की शर्ट थी। पुलिस का मानना है कि वह रविवार रात नाले में गिर गया होगा और उठ नहीं पाने से ठंड से उसकी वहीं मौत हो गई। पुलिस ने शव को हैलट मोर्चरी भेज दिया है।
विज्ञापन
काकादेव में भी खुले नाले ने एक की जान ले ली। शहर में ऐसे ‘खुले मौत के मुहाने’ हर जगह हैं और अक्सर हादसे भी होते रहते हैं लेकिन प्रशासन खामोश है। शहरी पूछ रहे हैं कि क्या ऐसे बनेगा कानपुर स्मार्ट सिटी।
विज्ञापन
नौबस्ता आनंद विहार में सड़क किनारे खुले नाले में गिरकर खड़खड़ा चालक जूही परमपुरवा निवासी सुनील गुप्ता (30) की मौत हो गई। वह तांगे समेत आठ फीट गहरे नाले में गिर गया और तांगे पर लदा लगभग 10 क्विंटल सरिया, तांगे और घोड़े के नीचे दब गया। उसे बाहर निकालने में इलाकाई लोगों को करीब तीस मिनट का समय लग गया, जिससे उसकी सांसें थम गईं।
विज्ञापन
सुनील कर्रही रोड से सरिया लादकर नौबस्ता हमीरपुर रोड की ओर जा रहा था। जैसे ही वह दासू कुंआ पेट्रोल लाइन के सामने स्थित आनंद बिहार से गुजरा तो सड़क किनारे नाले के किनारे गीली मिट्टी से तांगे का पहिया फिसल गया और तांगा नाले में पलट गया। सुनील के नाले में गिरते ही उस पर पूरी सरिया, तांगा और घोड़ा भी लद गया।
आस-पास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन लोहे के बोझ के आगे बेबस नजर जाए। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो दरोगा तो पहुंच गए लेकिन सिपाही काफी देर बाद पहुंचे।
डफरिन के पीछे सड़क किनारे आड़ी-तिरछी जाली में रखे गए ट्रांसफारमर से करंट की चपेट में आकर एक कपड़ा कारोबारी की मौत हो गई। व्यस्त इलाके में हादसा देख आस-पास के लोगों में दहशत पसर गई और उन्होंने ट्रांसफारमर यहां से हटाकर सुरक्षित तरीके से रखवाने की मांग की। इस संबंध में डीएम और केस्को एमडी से मिलने का भी निर्णय किया गया।
किदवई नगर निवासी किशन गोपाल गुप्ता (55) कपड़े का कारोबार करते थे। जनरलगंज, नौघड़ा बाजार से काम निपटाने के बाद वे करीब एक लाख रुपये जमा करने बड़ा चौराहा स्थित जे एंड के बैंक जा रहे थे। बैंक के पास सड़क किनारे रखे ट्रांसफारमर के पास से निकलते समय जाली से उनका हाथ छू गया और वे करंट की चपेट में आकर चिपक गए। दरअसल, ट्रांसफारमर के तार जाली से छू रहे थे जिससे उसमें करंट आ रहा था।
लोगों ने उन्हें चिपके देखा तो बांस-लकड़ी की मदद से किसी तरह छुड़ाया और पुलिस जीप से उर्सला ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। पत्नी आशा, बड़े भाई विशम्भर गुप्ता और दामाद सत्यम उर्सला पहुंचे और बिलख पड़े। मूलगंज थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के समय वे वहीं से गुजर रहे थे और उन्हें जल्दी से उर्सला ले गए लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
काकादेव थाना क्षेत्र के देवकी चौराहे के पास सोमवार को खुले नाले में एक अधेड़ का शव पड़ा मिला। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। शरीर पर काले रंग की शर्ट थी। पुलिस का मानना है कि वह रविवार रात नाले में गिर गया होगा और उठ नहीं पाने से ठंड से उसकी वहीं मौत हो गई। पुलिस ने शव को हैलट मोर्चरी भेज दिया है।