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यूपी: गंगा में डूबने से तीन दोस्तों की मौत, एक साथ उठीं तीनों की अर्थियां, रोई हर आंख
Sun, 23 Aug 2020 11:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:59 PM IST
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गंगा में डूबने से तीन दोस्तों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
बिल्हौर में वाजिदपुर गांव के पास नाव पलटने से गंगा में डूबे तीन दोस्तों के शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम घर लाए गए। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। तीनों दोस्तों की अर्थी एक साथ उठी और बिठूर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है। कुकरादेव गांव निवासी जयंत उर्फ विपुल पांडे, गोविंद शुक्ला, शिवम शर्मा, सुमित बाजपेई व आदित्य मिश्रा शनिवार को पिकनिक मनाने बाइकों से वाजिदपुर गांव स्थित रंगाबाग आश्रम गए थे।
वहां पर दाल-बाटी खाने के बाद सभी दोस्त नाव पर सवार होकर गंगा में सैर कर रहे थे। तभी नाव पलटने से तीन युवकों जयंत, गोविंद व शिवम की डूबने से मौत हो गई थी। नाविकों ने दो युवकों सुमित व आदित्य को बचा लिया था।
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एक साथ तीन परिवारों पर टूटे दुख के पहाड़ से पूरा गांव शोक में डूब गया। जयंत की शादी 25 फरवरी को औरैया निवासी अंशिका से हुई थी। पिता शैलेंद्र पांडे गांव में किराना की दुकान चलाते हैं, जबकि मां सुधा की वर्ष 2011 में बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
छोटी बहन पढ़ाई कर रही है। पिता शैलेन्द्र ने बिलखते हुए बताया कि पत्नी की मौत के दस वर्ष बाद घर में बहू के आने से फिर से घर में खुशियां लौटी थीं, लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था।इकलौता चिराग बुझने से पिता बार-बार गश खाकर गिर रहे थे।
वहीं, शिवम शर्मा भी इकलौता बेटा था। उसकी मौत से माता-पिता व छोटी बहन का रो-रोकर हाल बेहाल बना था। तीसरा मृतक गोविंद शुक्ला तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पिता किशन शुक्ला जल निगम में ठेकेदारी करते हैं। बड़ा भाई शिवांक मेडिकल लाइन में है। छोटा भाई नवीन मेडिकल की तैयारी कर रहा है।
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इस घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है। कुकरादेव गांव निवासी जयंत उर्फ विपुल पांडे, गोविंद शुक्ला, शिवम शर्मा, सुमित बाजपेई व आदित्य मिश्रा शनिवार को पिकनिक मनाने बाइकों से वाजिदपुर गांव स्थित रंगाबाग आश्रम गए थे।
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वहां पर दाल-बाटी खाने के बाद सभी दोस्त नाव पर सवार होकर गंगा में सैर कर रहे थे। तभी नाव पलटने से तीन युवकों जयंत, गोविंद व शिवम की डूबने से मौत हो गई थी। नाविकों ने दो युवकों सुमित व आदित्य को बचा लिया था।
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एक साथ तीन परिवारों पर टूटे दुख के पहाड़ से पूरा गांव शोक में डूब गया। जयंत की शादी 25 फरवरी को औरैया निवासी अंशिका से हुई थी। पिता शैलेंद्र पांडे गांव में किराना की दुकान चलाते हैं, जबकि मां सुधा की वर्ष 2011 में बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
छोटी बहन पढ़ाई कर रही है। पिता शैलेन्द्र ने बिलखते हुए बताया कि पत्नी की मौत के दस वर्ष बाद घर में बहू के आने से फिर से घर में खुशियां लौटी थीं, लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था।इकलौता चिराग बुझने से पिता बार-बार गश खाकर गिर रहे थे।
वहीं, शिवम शर्मा भी इकलौता बेटा था। उसकी मौत से माता-पिता व छोटी बहन का रो-रोकर हाल बेहाल बना था। तीसरा मृतक गोविंद शुक्ला तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पिता किशन शुक्ला जल निगम में ठेकेदारी करते हैं। बड़ा भाई शिवांक मेडिकल लाइन में है। छोटा भाई नवीन मेडिकल की तैयारी कर रहा है।