‘अकाल मौत’ लाया बिजली का तार, तीन बाइक सवारों को जिंदा जला दिया
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हंसवा फतेहपुर थरियांव थाना क्षेत्र की लिंक रोड छीतमपुर पर सोमवार शाम अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से बाइक सवार तीन युवक जिंदा जल गए। सभी एक ही बाइक पर थे और आपस में रिश्तेदार थे। एक साथ तीन मौतों की सूचना बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम सदर ने मृतकों के परिजनों को कृषक दुर्घटना योजना और पारिवारिक लाभ योजना के साथ पट्टा दिलाने का भरोसा दिलाया।
यह दर्दनाक हादसा दोपहर तीन बजे हुआ। थरियांव थाना क्षेत्र के छीतमपुर गांव निवासी कुशलपाल (38) लुधियाना में प्राइवेट जॉब करते थे। इनके साथ मलवां थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव निवासी बहनोई श्रीचंद्र (45) के सदर कोतवाली क्षेत्र के पूरेताज महमदपुर गांव में रहने वाले दामाद दीपक पुत्र रामजीत (25) भी लुधियाना में नौकरी करते थे। कुशलपाल और दीपक पिछले सप्ताह अपने अपने गांव आए थे। कुशलपाल की बहन रन्नो थरियांव थाना क्षेत्र के टेकारी गांव में ब्याही है। कुशलपाल को अपनी बेटी कल्पना के लिए लड़का देखना था। कुशलपाल ने श्रीचंद्र और दीपक को भी बुला लिया था। रविवार को तीनों एक ही बाइक में सवार होकर टेकारी गांव गए थे। सोमवार को बातचीत कर यह लौट रहे थे तभी आकूपुर गांव के पास छीतमपुर रोड पर इनकी बाइक पर सड़क के बीच से गुजरी हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर अचानक गिर गया।
अफसरों को कोसते नजर आए गांववाले
विधायक भी पहुंचे मौके पर
एक साथ तीन बाइक सवारों के जिंदा जलने की खबर पाकर सदर विधायक विक्रम सिंह व पूर्व विधायक आंनद लोधी मौके पर पहुंचे। सदर विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मृतक परिवारों को मंगलवार तक हर संभव मदद और सरकारी लाभ दिला दी जाएगी।
एचटी लाइन में बांधे थे एलटी का तार
पेड़ न छांटा जाना भी वजह
सपा नेता पर टूटा पुलिसिया कहर
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर जिंदा जले तीन बाइक सवारों की सूचना पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे थे। इनके साथ मिचकी गांव के रहने वाले किसान सभा के अध्यक्ष राकेश यादव भी थे। यह दोनों नेता पहुंचे तो दो शव को लादा जा चुका था जबकि एक नीचे रखा था। वीरेंद्र ने कहा कि क्या साधन नहीं मिल रहा है। इसी बीच राकेश ने लाश न उठाने की धमकी दी। इन दोनों नेताओं का बस इतना ही कहना था कि थरियांव एसओ आपा खो बैठे। मौके की नजाकत देखकर राकेश यादव तो भाग गए जबकि पुलिस ने वीरेंद्र यादव को गाजीपुर एसओ की जीप में धकियाते हुए बिठा दिया।
बिखर गए तीन परिवारों के सपने
एचटी लाइन से जलकर मरे तीन लोगों की मौत ने एक ही झटके में इनके परिवारों के सपनों को बिखेर कर रख दिया। कुशल पाल तीन बच्चों के पिता थे। इनमें एक बेटा सोनू और कल्पना व काजल हैं। दीपक के भी इतनी ही संतानें हैं। जिनमें बेटा प्रांशू व छोटे और बेटी प्रांशी है। जबकि श्रीचंद्र नौ बच्चों के पिता थे। जिनमें सुखराज, दुर्गेश, राजेश, छोटू व पंचू, के साथ बेटी ममता, सविता, ननकी और छोटी हैं। इन बच्चे रोए जा रहे हैं तो परिवार गहरे सदमे में हैं।