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Kanpur News: तीन कंपनियां विफल, चौथी की तलाश, कूड़े के पहाड़ जस के तस
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कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट के संचालन और एक दशक से भी ज्यादा समय से डंप कूड़े का निस्तारण का ठेका लेने वाली तीन कंपनियों के भागने के बाद चौथी की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि प्लांट में कूड़े के पहाड़ जस के तस हैं। अब कूड़ा निस्तारण प्लांट के अपग्रेडेशन, ताजे कचरे की प्रोसेसिंग, रखरखाव, संचालन और वर्षों से जमा लाखों मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए ऑनलाइन टेंडर मांगे गए हैं।
पनकी भव सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन 18 साल पहले एटूजेड कंपनी ने किया था। इस कंपनी को शहर के सभी घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठाकर प्लांट तक पहुंचाने और वहां इससे जैविक खाद बनाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पांच साल में ही यह कंपनी भाग गई थी। इसके बाद आईएलएफएस कंपनी को यह कार्य सौंपा गया पर वह कंपनी भी असफल रही।
तत्कालीन नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने नगर निगम के माध्यम से ही प्लांट में रोज पहुंच रहे कूड़े का निस्तारण शुरू कराया। प्लांट में डंप करीब 15 लाख मीट्रिक टन कूड़े (लिगेली वेस्ट) के निस्तारण के लिए नगर निगम ने शासन से 46 करोड़ रुपये मांगे थे। धनराशि आवंटित होने के बाद नगर निगम ने पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए ईको स्टैन कंपनी को चयनित किया। उसे 18 महीने में प्लांट में एकत्रित सारा लिगेसी वेस्ट निस्तारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गया पर कंपनी कंपनी तय समय में ऐसा नहीं कर पाई।
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उसे इस कार्य के लिए 18 माह का अतिरिक्त समय भी दिया गया पर इस अवधि में भी कंपनी कूड़े के पहाड़ खत्म करने में असफल रही। इसी बीच कंपनी ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलीभगत कर छह लाख मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने का प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिया। निवर्तमान नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने आईआईटी से जांच कराई तो करीब साढ़े चार लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के ही निस्तारण की पुष्टि हुई। तत्कालीन नगर आयुक्त ने इससे ज्यादा के भुगतान कर रोक लगाई। तब अधिशासी अभियंता प्रोजेक्ट दिवाकर भास्कर ने बताया था कि कंपनी को नोटिस दिया गया है। बाद में इस कंपनी से अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
नगर निगम के मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने बताया कि शनिवार को कूड़ा निस्तारण प्लांट के अपग्रेडेशन के साथ ताजे कचरे की प्रोसेसिंग, रखरखाव, संचालन तथा लिगेसी वेस्ट के निपटान के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए हैं। ई-टेंडर https://etender.up.nic.in पर 30 जनवरी तक जमा किए जा सकते हैं। 31 जनवरी को इन्हें खोला जाएगा। 15 जनवरी को दोपहर एक बजे प्रीबिड मीटिंग बुलाई गई है।
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पनकी भव सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन 18 साल पहले एटूजेड कंपनी ने किया था। इस कंपनी को शहर के सभी घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठाकर प्लांट तक पहुंचाने और वहां इससे जैविक खाद बनाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पांच साल में ही यह कंपनी भाग गई थी। इसके बाद आईएलएफएस कंपनी को यह कार्य सौंपा गया पर वह कंपनी भी असफल रही।
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तत्कालीन नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने नगर निगम के माध्यम से ही प्लांट में रोज पहुंच रहे कूड़े का निस्तारण शुरू कराया। प्लांट में डंप करीब 15 लाख मीट्रिक टन कूड़े (लिगेली वेस्ट) के निस्तारण के लिए नगर निगम ने शासन से 46 करोड़ रुपये मांगे थे। धनराशि आवंटित होने के बाद नगर निगम ने पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए ईको स्टैन कंपनी को चयनित किया। उसे 18 महीने में प्लांट में एकत्रित सारा लिगेसी वेस्ट निस्तारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गया पर कंपनी कंपनी तय समय में ऐसा नहीं कर पाई।
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उसे इस कार्य के लिए 18 माह का अतिरिक्त समय भी दिया गया पर इस अवधि में भी कंपनी कूड़े के पहाड़ खत्म करने में असफल रही। इसी बीच कंपनी ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलीभगत कर छह लाख मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने का प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिया। निवर्तमान नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने आईआईटी से जांच कराई तो करीब साढ़े चार लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के ही निस्तारण की पुष्टि हुई। तत्कालीन नगर आयुक्त ने इससे ज्यादा के भुगतान कर रोक लगाई। तब अधिशासी अभियंता प्रोजेक्ट दिवाकर भास्कर ने बताया था कि कंपनी को नोटिस दिया गया है। बाद में इस कंपनी से अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
नगर निगम के मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने बताया कि शनिवार को कूड़ा निस्तारण प्लांट के अपग्रेडेशन के साथ ताजे कचरे की प्रोसेसिंग, रखरखाव, संचालन तथा लिगेसी वेस्ट के निपटान के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए हैं। ई-टेंडर https://etender.up.nic.in पर 30 जनवरी तक जमा किए जा सकते हैं। 31 जनवरी को इन्हें खोला जाएगा। 15 जनवरी को दोपहर एक बजे प्रीबिड मीटिंग बुलाई गई है।