Etawah: ईदगाह में हजारों अकीदतमंदों ने मांगी शांति की मन्नत, मध्य पूर्व के लिए उठी दुआएं, DM-SSP ने दी बधाई
Etawah News: इटावा की मुख्य ईदगाह में शनिवार को दो शिफ्टों में नमाज अदा की गई, जहां अकीदतमंदों ने दुनिया में अमन की दुआ मांगी। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सड़क पर नमाज नहीं होने दी और शास्त्री चौराहे पर ही भीड़ को रोककर अगली शिफ्ट के लिए निर्देशित किया।
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इटावा में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को पूरे उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। शहर के ईदगाह में हजारों अकीदतमंद नमाज अदा करने पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नमाज को दो चरणों में संपन्न कराया। सुबह सात बजे और आठ बजे अलग-अलग समय पर नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान अकीदतमंदों ने देश और प्रदेश की खुशहाली के साथ-साथ मध्य पूर्व में अमन-चैन कायम रहने की दुआ की। ईदगाह परिसर में दोनों चरणों में श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। सुरक्षा के मद्देनजर ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी, एसडीएम सदर विक्रम राघव और सीओ सिटी अभय नारायण राय सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
सड़कों पर नमाज नहीं होने दी गई
सुबह करीब सात बजे ईदगाह परिसर भर जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने शास्त्री चौराहा, चौगुर्जी की गली समेत अन्य स्थानों पर लोगों को रोक दिया। उन्हें अगले चरण में नमाज अदा करने की सलाह दी गई। पहली नमाज पूरी होने के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया गया। प्रशासन ने सख्ती के साथ सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी।
गले मिलकर दी मुबारकबाद
नमाज के बाद बलराम सिंह चौराहे पर जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। सपा सांसद जितेंद्र दोहरे, जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य, सर्वेश शाक्य, कुलदीप गुप्ता संटू, वसीम चौधरी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित सहित कई लोग मौजूद रहे।
मिठाइयां और शरबत का वितरण
ईद के मौके पर ईदगाह तिराहा, बलराम सिंह चौराहा और विभिन्न मस्जिदों के बाहर मिठाइयां, बिस्किट और शरबत वितरित किए गए। नमाज के बाद बच्चे और युवा अपने परिवार व दोस्तों के साथ घूमने-फिरने के लिए निकले और त्योहार की खुशियां साझा कीं।