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Kanpur News: बाबा और पौत्र का शव करबक पहुंचने पर मचा कोहराम

Wed, 14 May 2025 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 14 May 2025 01:17 AM IST
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There was chaos when the bodies of Baba and grandson reached Karbak
रनियां (कानपुर देहात)। रनियां थाना क्षेत्र के करबक निवासी मोहम्मद रहीश व उनके पौत्र अब्दुल रहमान का शव मंगलवार को करबक पहुंचा तो परिवार के लोगों में चीत्कार मच गई। एक साथ दो शव पहुंचने पर घर लोग बेहाल रहे। पड़ोस के लोग उन्हें ढाढंस बंधाते रहे।
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मासूम अब्दुल रहमान के शव से लिपट कर मां रुकसाना व पिता सज्जन का हाल बेहाल रहा। रुकसाना इकलौते बेटे की मौत से बदहवास नजर आई। वहीं मोहम्मद रहीश के शव के पास बेटा अनीश व अन्य परिजन बिलखते रहे। घटना की जानकारी पर गांव के लोगों की भीड़ एकत्र रही। गांव में मातम छाया रहा।
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बता दें कि सोमवार रात औरैया के अजीतमल थाना के ऊंचा गांव के पास गैस टैंकर ने सामने से ई-रिक्शा में टक्कर मार दी थी। जिससे उसमें सवार करबक गांव निवासी मोहम्मद रहीश (55), अब्दुल रहमान (8) पुत्र सज्जन, इदरीश, सज्जन, आरिफ, अफजाल, अमजद, फैजान घायल हो गए थे। अस्पताल में डॉक्टर ने रहीश व अब्दुल रहमान को मृत घोषित कर दिया था। मृतक रहीश के भाई शरीफ ने बताया कि वह लोग बहन नाजमा की बेटी के जेठ के लड़के के वलीमा कार्यक्रम में शामिल होने दलेलनगर गए थे। रात काफी होने के कारण ऊंचा गांव में बुआ के यहां सभी ने रुकने का निर्णय लिया और दलेलनगर से रिक्शा में सवार होकर सभी उनके घर जा रहे थे।
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करबक तक छोड़ने आई अजीतमल थाना पुलिस
हादसे के बाद औरैया में लोगों ने जाम लगा दिया था। घटना को लेकर पुलिस सतर्क रही। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव लेकर एहतियातन अजीतमल थाना पुलिस कबरक तक आई। शवों का अंतिम संस्कार होने के बाद ही पुलिस वापस अजीतमल लौटी।

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दोनों बहनों में इकलौता था भाई अब्दुल
पिता सज्जन ने बताया कि अब्दुल आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई कर रहा था। दो बहनों जन्नत, ह्यूमरा में इकलौता भाई था। अनहोनी से मां रुकसाना रो-रोकर बेसुध हो गई। बहनों ने बताया कि भाई सुबह से ही नए कपड़े पहनकर तैयार हो गया था। पिता के साथ वलीमा खाने गया था। उन्हें क्या पता था कि अब उनका भाई कभी वापस लौटकर नहीं आएगा। पिता खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते है।

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बेटों के सिर से उठा पिता का साया
बेटे अनीश ने बताया कि पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। घर से वलीमा में शामिल होकर देर रात वापस लौटने का वादा करके गए थे। अनहोनी से बेटों महताब, इलयास, मुजम्मिल, अनीश रो-रोकर बदहवास है।
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