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Kanpur News: जोनल प्रभारी से अभद्रता करने वाले डूडा के इंजीनियर की सेवा समाप्त
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कानपुर।
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में दो वर्ष से तैनात संविदा कर्मचारी (इंजीनियर) रवित रंजन को नशे की हालत में जोनल प्रभारी से अभद्र तरीके से बातचीत करना भारी पड़ गया। शिकायत के बाद नगर आयुक्त ने कर्मचारी के कार्यों की जांच कराई तो कई आवासों के आवेदन लंबित मिले।
बड़ी लापरवाही पर मिशन निदेशक डॉ अनिल कुमार ने कर्मी की सेवा समाप्त कर दी। वहीं, इन सब कारनामों के पीछे विभाग में तैनात एक लेखाकार का हाथ भी बताया जा रहा है। नगर निगम जोन-छह में जोनल प्रभारी के रूप में रविशंकर तैनात हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार से अधिक आवास के लिए डूडा कार्यालय में आवेदन आए हैं।
सत्यापन की जिम्मेदारी सभी जोनल के प्रभारियों को दी गई है। जोनल अधिकारी इन आवासों का सर्वे कर फोटो पोर्टल पर अपलोड करते हैं। सत्यापन रिपोर्ट को प्रतिदिन जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय में भेजा जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी सीएलटीसी इंजीनियर रवित रंजन के पास थी। आरोप था कि बीती शुक्रवार रात करीब 12 बजे अचानक इंजीनियर ने जोनल प्रभारी को फोन कर पीएम आवासों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी।
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इस पर नशे में धुत इंजीनियर अभद्र तरीके से बात करने लगा। अगले दिन जोनल प्रभारी ने नगर आयुक्त सुधीर कुमार को मामले की जानकारी दी। इसके बाद इंजीनियर के कार्यों की जांच कराई गई तो पता चला कि जिले में सैकड़ों आवेदकों के आवेदन पत्र कर्मचारी स्तर पर लंबित हैं। आवेदनों को आगे बढ़ाया ही नहीं गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मिशन निदेशक ने संविदा कर्मी की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए हैं।
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जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में दो वर्ष से तैनात संविदा कर्मचारी (इंजीनियर) रवित रंजन को नशे की हालत में जोनल प्रभारी से अभद्र तरीके से बातचीत करना भारी पड़ गया। शिकायत के बाद नगर आयुक्त ने कर्मचारी के कार्यों की जांच कराई तो कई आवासों के आवेदन लंबित मिले।
बड़ी लापरवाही पर मिशन निदेशक डॉ अनिल कुमार ने कर्मी की सेवा समाप्त कर दी। वहीं, इन सब कारनामों के पीछे विभाग में तैनात एक लेखाकार का हाथ भी बताया जा रहा है। नगर निगम जोन-छह में जोनल प्रभारी के रूप में रविशंकर तैनात हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार से अधिक आवास के लिए डूडा कार्यालय में आवेदन आए हैं।
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सत्यापन की जिम्मेदारी सभी जोनल के प्रभारियों को दी गई है। जोनल अधिकारी इन आवासों का सर्वे कर फोटो पोर्टल पर अपलोड करते हैं। सत्यापन रिपोर्ट को प्रतिदिन जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय में भेजा जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी सीएलटीसी इंजीनियर रवित रंजन के पास थी। आरोप था कि बीती शुक्रवार रात करीब 12 बजे अचानक इंजीनियर ने जोनल प्रभारी को फोन कर पीएम आवासों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी।
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इस पर नशे में धुत इंजीनियर अभद्र तरीके से बात करने लगा। अगले दिन जोनल प्रभारी ने नगर आयुक्त सुधीर कुमार को मामले की जानकारी दी। इसके बाद इंजीनियर के कार्यों की जांच कराई गई तो पता चला कि जिले में सैकड़ों आवेदकों के आवेदन पत्र कर्मचारी स्तर पर लंबित हैं। आवेदनों को आगे बढ़ाया ही नहीं गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मिशन निदेशक ने संविदा कर्मी की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए हैं।