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Kanpur News: खुद को एसडीएम शामली बताने वाला लुटेरा साथी संग दबोचा गया
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एसडीएम बनकर लोगों को धमकाने और लूटपाट करने के आरोपी को उसके एक साथी के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मजिस्ट्रेट, भारत सरकार और यूपीएससी आयोग का स्टीकर लगी लग्जरी कार, दो क्रेडिट कार्ड, एक पर्स, तमंचा और कारतूस बरामद किया है। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि 11 जुलाई को एक युवक के साथ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लूटपाट हुई थी। इसका मुकदमा सैफई थाने में दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गुरुवार सुबह थाना सैफई पुलिस एवं एसओजी, सर्विलांस टीम को सूचना मिली कि हैवरा बाईपास पर एक कार से दो संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। उनकी कार पर भारत सरकार मजिस्ट्रेट की प्लेट लगी है।
इस पर टीम ने घेराबंदी करते हुए कार सवारों को करहल बाईपास जाने वाले रास्ते के पास पकड़ लिया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम अमर पांडे (26) निवासी ग्राम बेलवा विन्होनी भीखमपुर थाना बलरामपुर देहात जनपद बलरामपुर और रामाधीन (22) निवासी समदा थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर बताया।
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आरोपियों ने बताया कि 11 जुलाई को दोनों ने ब्ला-ब्ला ऐप के माध्यम से एक यात्री को लेकर लखनऊ से फिरोजाबाद जा रहे थे। रास्ते में थाना सैफई क्षेत्र के लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 105 के पास तमंचे दिखाकर सवारी का मोबाइल व पर्स लूट लिया था। अमर ने बताया कि वह खुद को एसडीएम ऊन जनपद शामली बताता था। स्कार्पियो कार पर मजिस्ट्रेट भी लिखवा रखा था। इस फर्जी पद का दुरुपयोग वह टोल टैक्स बचाने, लोगों में अपनी धाक जमाने के लिए करता था।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अमर पांडे के मुताबिक उसने 2023 में दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की थी। परीक्षा में सफल नहीं हो सका था। इस पर वह स्वयं को आईएएस प्रोबेशनरी बताने लगा था। उसने एक यूपीएससी की तरफ से फर्जी तैनाती लेटर भी बनवा रखा था। इस लेटर में तैनाती अमरोहा की धनौरा तहसील में दिखाया गया है।
11 जुलाई को हुई लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस मामले की छानबीन में लगी थी। सीसीटीवी फुटेज में काले रंग की कार लखनऊ की ओर लौटती हुई नजर आई थी। पुलिस ने कार चलाने वाले और उसमें बैठने वालों की पहचान कर ली थी। गुरुवार को जब अमर से घटना के बारे में पूछा गया तो उसने पुलिस पर धौंस जमाते हुए कहा कि वह तो एसडीएम है। रही बात लूट की तो उसका चालक बच्चों को छोड़ने के लिए उनकी कार ले गया था। उसने ही घटना को अंजाम दिया होगा। पर पुलिस के पास उसके खिलाफ सभी सबूत थे। इस पर उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने एसडीएम बनकर लूटपाट करने वालों के कब्जे से लूटे गए दो क्रेडिट कार्ड, चार हजार रुपये के अलावा दो तमंचे, दो कारतूस, एक आधार कार्ड बरामद किया है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। खुलासा करने के दौरान एसपी देहात श्रीशचंद्र, सीओ सैफई रामगोपाल शर्मा मौजूद रहे।
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इटावा। एसडीएम बनकर लोगों को धमकाने और लूटपाट करने के आरोपी को उसके एक साथी के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मजिस्ट्रेट, भारत सरकार और यूपीएससी आयोग का स्टीकर लगी लग्जरी कार, दो क्रेडिट कार्ड, एक पर्स, तमंचा और कारतूस बरामद किया है। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि 11 जुलाई को एक युवक के साथ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लूटपाट हुई थी। इसका मुकदमा सैफई थाने में दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गुरुवार सुबह थाना सैफई पुलिस एवं एसओजी, सर्विलांस टीम को सूचना मिली कि हैवरा बाईपास पर एक कार से दो संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। उनकी कार पर भारत सरकार मजिस्ट्रेट की प्लेट लगी है।
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इस पर टीम ने घेराबंदी करते हुए कार सवारों को करहल बाईपास जाने वाले रास्ते के पास पकड़ लिया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम अमर पांडे (26) निवासी ग्राम बेलवा विन्होनी भीखमपुर थाना बलरामपुर देहात जनपद बलरामपुर और रामाधीन (22) निवासी समदा थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर बताया।
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आरोपियों ने बताया कि 11 जुलाई को दोनों ने ब्ला-ब्ला ऐप के माध्यम से एक यात्री को लेकर लखनऊ से फिरोजाबाद जा रहे थे। रास्ते में थाना सैफई क्षेत्र के लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 105 के पास तमंचे दिखाकर सवारी का मोबाइल व पर्स लूट लिया था। अमर ने बताया कि वह खुद को एसडीएम ऊन जनपद शामली बताता था। स्कार्पियो कार पर मजिस्ट्रेट भी लिखवा रखा था। इस फर्जी पद का दुरुपयोग वह टोल टैक्स बचाने, लोगों में अपनी धाक जमाने के लिए करता था।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अमर पांडे के मुताबिक उसने 2023 में दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की थी। परीक्षा में सफल नहीं हो सका था। इस पर वह स्वयं को आईएएस प्रोबेशनरी बताने लगा था। उसने एक यूपीएससी की तरफ से फर्जी तैनाती लेटर भी बनवा रखा था। इस लेटर में तैनाती अमरोहा की धनौरा तहसील में दिखाया गया है।
11 जुलाई को हुई लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस मामले की छानबीन में लगी थी। सीसीटीवी फुटेज में काले रंग की कार लखनऊ की ओर लौटती हुई नजर आई थी। पुलिस ने कार चलाने वाले और उसमें बैठने वालों की पहचान कर ली थी। गुरुवार को जब अमर से घटना के बारे में पूछा गया तो उसने पुलिस पर धौंस जमाते हुए कहा कि वह तो एसडीएम है। रही बात लूट की तो उसका चालक बच्चों को छोड़ने के लिए उनकी कार ले गया था। उसने ही घटना को अंजाम दिया होगा। पर पुलिस के पास उसके खिलाफ सभी सबूत थे। इस पर उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने एसडीएम बनकर लूटपाट करने वालों के कब्जे से लूटे गए दो क्रेडिट कार्ड, चार हजार रुपये के अलावा दो तमंचे, दो कारतूस, एक आधार कार्ड बरामद किया है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। खुलासा करने के दौरान एसपी देहात श्रीशचंद्र, सीओ सैफई रामगोपाल शर्मा मौजूद रहे।