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रैगिंग में पालीटेक्निक से एक छात्र निष्कासित
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 15 Jan 2015 02:28 AM IST
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राजकीय पालीटेक्निक, रावतपुर में प्लास्टिक एंड मोल्ड टेक्नोलॉजी फर्स्ट ईयर के छात्र की रैगिंग करने वाले मेकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के छात्र कुंदन को एक साल के लिए संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है।
साथ ही नवाबगंज थाने में कुंदन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इससे पहले भी रैगिंग में चार छात्रों को संस्थान से निष्कासित किया जा चुका है।
प्लास्टिक एंड मोल्ड टेक्नोलॉजी के छात्र कृष्ण प्रताप श्रीवास्तव ने वर्ष 2014 में एडमिशन लिया। पालीटेक्निक कैंपस के बाहर किराए के मकान में रहते हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से पालीटेक्निक की परीक्षाएं शुरू हुईं।
परीक्षा के दौरान ही कुंदन ने छात्र कृष्ण प्रताप को धमकाया। कुंदन ने कहा कि दो (कुंदन, कृष्ण प्रताप) में से एक को ही पालीटेक्निक में पढ़ाई करनी होगी।
अपना भला चाहते हो तो पढ़ाई छोड़कर भाग जाओ। इससे दहशतजदा कृष्ण प्रताप श्रीवास्तव ने 3 जनवरी 2015 को होने वाली परीक्षा छोड़ दी।
अन्य परीक्षाएं भी नहीं दीं। इस मामले को लेकर कृष्ण प्रताप के परिजनों ने प्रिंसिपल एफआर खान से संपर्क साधा।
लिखित शिकायत देकर कहा कि रैगिंग करके छात्र का भविष्य चौपट कर दिया है। कुंदन की धमकी से कृष्ण प्रताप सहमा है। वह पालीटेक्निक में पढ़ने के लिए तैयार नहीं है।
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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रिंसिपल ने 5 जनवरी 2015 को मेकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट को एक साल के लिए संस्थान से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। प्रिंसिपल ने कहा कि रैगिंग अपराध है।
इसमें शामिल किसी छात्र को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले मुखर सावंत, सुनील यादव, विपिन मिश्रा और दीपक मिश्रा को भी रैगिंग में संस्थान से निष्कासित किया जा चुका है।
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साथ ही नवाबगंज थाने में कुंदन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इससे पहले भी रैगिंग में चार छात्रों को संस्थान से निष्कासित किया जा चुका है।
प्लास्टिक एंड मोल्ड टेक्नोलॉजी के छात्र कृष्ण प्रताप श्रीवास्तव ने वर्ष 2014 में एडमिशन लिया। पालीटेक्निक कैंपस के बाहर किराए के मकान में रहते हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से पालीटेक्निक की परीक्षाएं शुरू हुईं।
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परीक्षा के दौरान ही कुंदन ने छात्र कृष्ण प्रताप को धमकाया। कुंदन ने कहा कि दो (कुंदन, कृष्ण प्रताप) में से एक को ही पालीटेक्निक में पढ़ाई करनी होगी।
अपना भला चाहते हो तो पढ़ाई छोड़कर भाग जाओ। इससे दहशतजदा कृष्ण प्रताप श्रीवास्तव ने 3 जनवरी 2015 को होने वाली परीक्षा छोड़ दी।
अन्य परीक्षाएं भी नहीं दीं। इस मामले को लेकर कृष्ण प्रताप के परिजनों ने प्रिंसिपल एफआर खान से संपर्क साधा।
लिखित शिकायत देकर कहा कि रैगिंग करके छात्र का भविष्य चौपट कर दिया है। कुंदन की धमकी से कृष्ण प्रताप सहमा है। वह पालीटेक्निक में पढ़ने के लिए तैयार नहीं है।
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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रिंसिपल ने 5 जनवरी 2015 को मेकेनिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट को एक साल के लिए संस्थान से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। प्रिंसिपल ने कहा कि रैगिंग अपराध है।
इसमें शामिल किसी छात्र को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले मुखर सावंत, सुनील यादव, विपिन मिश्रा और दीपक मिश्रा को भी रैगिंग में संस्थान से निष्कासित किया जा चुका है।