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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   The last rites of the soldier were performed with a salute, the father said  Look at Lev Lal, we will not meet

Kanpur Dehat: सलामी देकर फौजी का किया गया अंतिम संस्कार, पिता बोले- देख लेव लाल को...अब नाही मिलिहें

Sat, 09 Sep 2023 07:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 09 Sep 2023 07:44 PM IST
सार

Kanpur Dehat News: फौजी पवन शंकर के पिता प्रेमशंकर ने बिलखते हुए पत्नी मुन्नी देवी से कहा कि लाल को आज देख लेव अब नाही मिलिहें। यह सुनकर मौजूद लोगों की आंखों से अस्रु बह चले। रिमझिम बारिश होती रही। सेना के नायब सुबेदार शंकर सिंह के निर्देशन में सैनिकों ने सलामी दी।

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The last rites of the soldier were performed with a salute, the father said  Look at Lev Lal, we will not meet
बदहवास बेटे को निहारते पिता और सेना के जवान ताबूत ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात में बरौर  थाना क्षेत्र के कैलई गांव फौजी पवन शंकर का शव पहुंचने पर कोहराम मच गया। बारिश के बीच गांव के बाहर खेत में कानपुर से पहुंची फौज की टुकड़ी ने सलामी दी। वहीं फौजी की बड़ी पुत्री आठ वर्षीय प्रनि ने परिजन के सहयोग से मुखाग्नि दी। माता पिता शव देखकर बोले कि देख लेव लाल को अब नाही मिलिहें।

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मौके पर मौजूद भारी तादात में लोग रो पड़े। फौजी पवन शंकर का शव अंबाला से अकबरपुर जिला मुख्यालय लाया गया। जहां से कानपुर से आई सेना की टुकड़ी शनिवार की सुबह शव लेकर गांव पहुंची। जहां बारिश के बीच लोगों की भीड़ जुटी रही। शव को जैसे ही सेना के जवानों ने वाहन से उतारा वैसे ही परिजन बिलखने लगे।
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फौजी पवन शंकर के पिता प्रेमशंकर ने बिलखते हुए पत्नी मुन्नी देवी से कहा कि लाल को आज देख लेव अब नाही मिलिहें। यह सुनकर मौजूद लोगों की आंखों से अस्रु बह चले। रिमझिम बारिश होती रही। सेना के नायब सुबेदार शंकर सिंह के निर्देशन में सैनिकों ने सलामी दी। नायब सुबेदार ने पवन शंकर के पिता प्रेमशंकर को तिरंगा सौंपा।

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आठ वर्षीय बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी
बड़ी बेटी आठ वर्षीय प्रनि ने परिजन के सहयोग से पिता को मुखाग्नि दी। बेटी को मुखाग्नि देते समय हर किसी की आंसू बह चले। वहीं लोग भारत माता की जय का उदघोष भी करते रहे। मालूम हो कि पवन शंकर अंबाला कैंट में सेना की 40 एडीएसआर यूनिट में तैनात थे। उनका शव वहीं रेलवे ट्रैक पर मिला था।

कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने दी श्रद्धांजलि
पत्नी रागिनी के मोबाइल पर मैसेज आया था कि मैने आपके पति को खुदा के पास भेज दिया है। मौके पर एसडीएम राजकुमार चौधरी, तहसीलदार सुनील कुमार, नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी और पुलिस बल मौजूद रहा। वहीं, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने पहुंच कर फौजी पवन शंकर के परिजनों को सांत्वना दी।

सपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा
हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। वहीं सपा का प्रतिनिधि मंडल विधायक मुकेश निषाद के साथ पहुंचा। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। फौजी पवन शंकर का शव कैलई आने के बाद सपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा।  इसमें विधायक मुकेश निषाद के साथ नरेंद्रपाल सिंह मनु, जिलाध्यक्ष अरुण सिंह बब्लू सहित पदाधिकारी पहुंचे।

परिजनों ने अपनी पैतृक भूमि में किया अंतिम संस्कार किया

कैलई गांव में फौजी का शव आने के पहले अंतिम संस्कार के लिए गांव के बाहर खलिहान की जगह को जेसीबी से समतल कराया जाने लगा। इसके लिए नायब तहसीलदार ने पहुंच कर समझाया। इसके बाद खेत में अंतिम संस्कार किया गया। फौजी के शव का अंतिम संस्कार किए जाने के लिए गांव के लोग खलिहान को जेसीबी से समतल करा रहे थे।

जेसीबी से कराया जा रहा समतलीकरण
किसी ने वहां पहुंचे नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी से खलिहान की जगह पर अंतेष्टि किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने पहुंच कर पहले जेसीबी से कराया जा रहा समतलीकरण को बंद कराया। इसके बाद लोगों से बात की। जिनका कहना था कि यहां लोग सहजता से पहुंच सकते हैं।

खेत में ही अंतिम संस्कार किया
नायब तहसीलदार ने बताया कि अंतिम संस्कार खलिहान में कुछ लोग करना चाह रहे थे। उसके एवज में ग्राम समाज की जगह चिहिंत कर दे दी गई थी। लेकिन परिजन अपनी ही जमीन पर अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा जताने लगे। खेत में ही अंतिम संस्कार किया।

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