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Kanpur News: परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी से अटका हजारों छात्रों का भविष्य
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेज के हजारों छात्रों के परिणाम में हुई गड़बड़ी से उनका भविष्य अटक गया है। छात्रों के परिणाम में रिजल्ट डिटेंड (आरडी) लिखकर आ रहा है। इससे छात्र बिना परिणाम आए आगे की कक्षाओं में दाखिला नहीं ले सकते। इसके अलावा कई ऐसे छात्र भी है जो पांचों सेमेस्टर में पास है, लेकिन छठे सेमेस्टर में वोकेशनल विषयों में उनको एक अंक से फेल कर दिया गया है।
कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा और औरैया में सीएसजेएमयू से संबद्ध करीब 600 से अधिक महाविद्यालय हैं। इनमें स्नातक के विभिन्न संकाय के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। विवि प्रशासन ने विज्ञान संकाय के द्वितीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम जारी किया है। इसमें 30 फीसदी से अधिक छात्रों का परिणाम में आरडी लिखा है जबकि नियम है कि 50 फीसदी से अधिक क्रेडिट स्कोर और 4 सीजीपीए से अधिक अंक होने पर छात्रों के परिणाम में कैरी ओवर लिखा जाना चाहिए। इससे वह कैरी ओवर परीक्षा देकर अगली कक्षा में दाखिला ले सकते हैं।
बीएससी द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रथम वर्ष में माइनर विषय भरा था। विवि प्रशासन ने नियमों में बदलाव करते हुए कला व वाणिज्य संकाय में माइनर विषय विषम सेमेस्टर में और विज्ञान संकाय में माइनर विषय को सम सेमेस्टर में शामिल किया था। इसकी सटीक सूचना छात्रों तक नहीं पहुंची। छात्रों के द्वितीय सेमेस्टर में फॉर्म भरते समय माइनर विषय का विकल्प नहीं आया। इससे इसकी परीक्षा नहीं दी। बाकी दोनों सेमेस्टर में 6.9 सीजीपीए अंक है और कुल क्रेडिट भी 50 फीसदी से अधिक है। इसके बावजूद रिजल्ट कैरी-ओवर के बजाए आरडी कर दिया है। ऐसे छात्रों को अगले सेमेस्टर में दाखिला नहीं मिल रहा है।
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कई कॉलेजों में छात्रों की वोकेशनल और को करिकुलर में बैक लगी है। छात्रों का कहना है कि छठे सेमेस्टर के सभी विषयों में पास हैं, केवल वोकेशनल और को-करिकुलर में फेल कर दिया है। उनका आरोप है कि बैक पेपर के नाम पर छात्रों से धन वसूली की जाती है। जब सभी विषयों में पास है तो वोकशनल में ग्रेस अंक देकर पास किया जा सकता है।
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कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा और औरैया में सीएसजेएमयू से संबद्ध करीब 600 से अधिक महाविद्यालय हैं। इनमें स्नातक के विभिन्न संकाय के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। विवि प्रशासन ने विज्ञान संकाय के द्वितीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम जारी किया है। इसमें 30 फीसदी से अधिक छात्रों का परिणाम में आरडी लिखा है जबकि नियम है कि 50 फीसदी से अधिक क्रेडिट स्कोर और 4 सीजीपीए से अधिक अंक होने पर छात्रों के परिणाम में कैरी ओवर लिखा जाना चाहिए। इससे वह कैरी ओवर परीक्षा देकर अगली कक्षा में दाखिला ले सकते हैं।
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बीएससी द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रथम वर्ष में माइनर विषय भरा था। विवि प्रशासन ने नियमों में बदलाव करते हुए कला व वाणिज्य संकाय में माइनर विषय विषम सेमेस्टर में और विज्ञान संकाय में माइनर विषय को सम सेमेस्टर में शामिल किया था। इसकी सटीक सूचना छात्रों तक नहीं पहुंची। छात्रों के द्वितीय सेमेस्टर में फॉर्म भरते समय माइनर विषय का विकल्प नहीं आया। इससे इसकी परीक्षा नहीं दी। बाकी दोनों सेमेस्टर में 6.9 सीजीपीए अंक है और कुल क्रेडिट भी 50 फीसदी से अधिक है। इसके बावजूद रिजल्ट कैरी-ओवर के बजाए आरडी कर दिया है। ऐसे छात्रों को अगले सेमेस्टर में दाखिला नहीं मिल रहा है।
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कई कॉलेजों में छात्रों की वोकेशनल और को करिकुलर में बैक लगी है। छात्रों का कहना है कि छठे सेमेस्टर के सभी विषयों में पास हैं, केवल वोकेशनल और को-करिकुलर में फेल कर दिया है। उनका आरोप है कि बैक पेपर के नाम पर छात्रों से धन वसूली की जाती है। जब सभी विषयों में पास है तो वोकशनल में ग्रेस अंक देकर पास किया जा सकता है।