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Kanpur News: होम्योपैथी दवा का कोशिका स्तर पर पता चलेगा असर

Fri, 10 Apr 2026 02:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:50 AM IST
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The effect of homeopathic medicine will be known at the cellular level
कानपुर। डॉ. फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन की 271वीं जयंती पर शुक्रवार को विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाएगा। डायबिटीज, मोटापा, हाइपरटेंशन समेत अन्य मेटोबोलिक रोगों के बढ़ने के साथ होम्योपैथी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अब आईआईटी के साथ मिलकर होम्योपैथी की दवाओं का कोशिका स्तर पर असर पता करने की तैयारी है। साथ ही पंडित जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज ने शोध कार्य शुरू करा दिए हैं। मेडिसिन और रोगों के लक्षणों पर 15 शोध कार्य चल रहे हैं।
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अभी तक होम्योपैथी का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। एलोपैथी की तरह जीन, मॉल्युकुलर स्तर पर इसके असर का पता नहीं रहता है लेकिन अब दवा का शरीर पर पड़ने वाले विस्तृत प्रभाव का कोशिका स्तर पर असर पता चलेगा। होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज इसके लिए आईआईटी के तकनीकों का इस्तेमाल करेगा। इससे इस चिकित्सा पद्धति में सिर्फ अंदाजा वाली बात नहीं रहेगी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हर्षवर्धन सिंह भदौरिया ने बताया कि इस संबंध में आईआईटी के निदेशक मणींद्र अग्रवाल और विज्ञानियों से कई राउंड बात हो गई है। जल्द करार होगा।
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उन्होंने बताया कि एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के आईसीएमआर की तरह सेंट्रल काउंसिल आफ रिसर्च (होम्योपैथिक) से भी करार हुआ है। जल्द ही इसके लिए प्रोजेक्ट मिल जाएंगे। इसके अलावा कॉलेज ने अपने स्तर से मेडिसिन और रोगों के लक्षणों के संबंधी विभाग में 15 शोध शुरू करा दिए हैं। शुरुआत में सांस रोग, गठिया, डायबिटीज, चर्म रोग, गुर्दे की पथरी, लिवर आदि पर काम किया जाएगा। मेटाबोलिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इससे रोगियों को लाभ मिलेगा। आईआईटी के साथ काम शुरू होने के बाद शोध में और आसानी हो जाएगी। साइंटिफिक रिसर्च पेपर प्रकाशित कराए जाएंगे।
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वरिष्ठ होम्योपैथ डॉ. हेमंत मोहन का कहना है कि होम्योपैथी असाध्य रोगों में कारगर साबित हो रही है। शुक्रवार को डॉ. हैनीमैन की जयंती पर अंध विद्यालय और कार्डियोलॉजी में शिविर आयोजित किया जाएगा। डायबिटिक न्यूरोपैथी, एलर्जी, यूरिक एसिड आदि रोगों में होम्योपैथी कारगर साबित हो रही है।
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