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Kanpur Weather: आ गए कोहरे और ओस वाले दिन, जल्दी ही कंपाने लगेगी दिन की सर्दी
Tue, 17 Dec 2024 11:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:46 PM IST
सार
Kanpur Weather News: मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से धुंध भी बढ़ेगी। बादल भी छाने के आसार है। हवा की सुस्की की वजह से अभी जेट स्ट्रीम के साथ ठंडक नहीं आ पा रही है।
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कानपुर का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंगलवार को दिन और रात का तापमान थोड़ा बढ़ा जरूर है। पर, बढ़ती नमी जल्दी ही ठिठुरन पैदा करने वाली है। नमी बढ़ी तो कोहरा बढ़ेगा। सूरज का तेज मद्धम पड़ता जाएगा। बादल छाने के भी आसार हैं। ऐसे में रात में भले ही कुछ राहत मिल जाए पर दिन की गलन कंपाएगी जरूर। ऐसा बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण हो रहा है। वहीं से कानपुर तक नमी आना शुरू हो गई है। इसी वजह से मंगलवार सुबह दृश्यता 500 मीटर ही रह गई, जो दो किलोमीटर तक होनी चाहिए।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि निम्न दबाव से बने चक्रवाती घेरे ने हवा की रफ्तार सुस्त कर दी है। इससे धुंध और प्रदूषण दोनों बढ़ सकते हैं। निम्न दबाव खत्म होने पर गलन तेज हो जाएगी। ऐसा दो-तीन दिन बाद होने के आसार हैं। रात का तापमान तो अभी भी 5.8 डिग्री पर है, जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसका असर खत्म होते ही हवा तेजी से बहेगी। गलन बढ़ने लगेगी। डॉ. पांडेय ने बताया कि अभी हवा की सुस्ती और दिशा की वजह से जेट स्ट्रीम के साथ आने वाली समुद्री ठंडक मंद है।
सीएसए के मौसम विभाग के प्रभारी अजय मिश्रा ने बताया कि नमी 92 प्रतिशत हो गई है। 24 घंटे में यह छह प्रतिशत बढ़ी है। रात के समय ओस ज्यादा गिरने लगी है। इससे कोहरा बढ़ता है और धुंध भी। 24 घंटे में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी से पश्चिमी हो गया है, लेकिन गति 1.4 किमी प्रति घंटा ही है। इस वजह से आने वाले पांच दिनों में धुंध बनी रहेगी। बारिश के आसार नहीं हैं।
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मौसम विज्ञानियों का कहना है कि निम्न दबाव से बने चक्रवाती घेरे ने हवा की रफ्तार सुस्त कर दी है। इससे धुंध और प्रदूषण दोनों बढ़ सकते हैं। निम्न दबाव खत्म होने पर गलन तेज हो जाएगी। ऐसा दो-तीन दिन बाद होने के आसार हैं। रात का तापमान तो अभी भी 5.8 डिग्री पर है, जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसका असर खत्म होते ही हवा तेजी से बहेगी। गलन बढ़ने लगेगी। डॉ. पांडेय ने बताया कि अभी हवा की सुस्ती और दिशा की वजह से जेट स्ट्रीम के साथ आने वाली समुद्री ठंडक मंद है।
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सीएसए के मौसम विभाग के प्रभारी अजय मिश्रा ने बताया कि नमी 92 प्रतिशत हो गई है। 24 घंटे में यह छह प्रतिशत बढ़ी है। रात के समय ओस ज्यादा गिरने लगी है। इससे कोहरा बढ़ता है और धुंध भी। 24 घंटे में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी से पश्चिमी हो गया है, लेकिन गति 1.4 किमी प्रति घंटा ही है। इस वजह से आने वाले पांच दिनों में धुंध बनी रहेगी। बारिश के आसार नहीं हैं।
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अब ला नीना के फरवरी में सक्रिय होने के आसार, मार्च के बाद तक पड़ सकती ठंड
प्रशांत महासागर में बनने वाली मौसमी गतिविधि ला नीना अभी तक सक्रिय नहीं है। मौसम विज्ञानी एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि विश्व मौसम संगठन का आकलन था कि यह सितंबर में सक्रिय होगा, लेकिन इसके जनवरी में भी सक्रिय होने के आसार नहीं हैं। फरवरी में यह सक्रिय हुआ तो तेज गलन वाली ठंड मार्च और अप्रैल में भी रह सकती है।
प्रशांत महासागर में बनने वाली मौसमी गतिविधि ला नीना अभी तक सक्रिय नहीं है। मौसम विज्ञानी एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि विश्व मौसम संगठन का आकलन था कि यह सितंबर में सक्रिय होगा, लेकिन इसके जनवरी में भी सक्रिय होने के आसार नहीं हैं। फरवरी में यह सक्रिय हुआ तो तेज गलन वाली ठंड मार्च और अप्रैल में भी रह सकती है।
फसलों में नमी बनाए रखें
किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में हल्की सिंचाई करके फसलों में नमी बनाए रखें। अभी बारिश के कोई आसार नहीं हैं। वैसे यह मौसम फसलों के लिए मुफीद है।
किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में हल्की सिंचाई करके फसलों में नमी बनाए रखें। अभी बारिश के कोई आसार नहीं हैं। वैसे यह मौसम फसलों के लिए मुफीद है।