{"_id":"57d6ddf54f1c1ba73dd472ed","slug":"the-commotion-of-the-llb-students-in-kanpur-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलएलबी के स्टूडेंटों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलएलबी के स्टूडेंटों का हंगामा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Sep 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन
कानपुर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते छात्र (फाइल फाेटाे)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर यूनिवर्सिटी पर चैलेंज इवैल्यूएशन की नियमावली बदलने का आरोप लगाकर एलएलबी के स्टूडेेंटोें ने सोमवार को हंगामा किया। साथ ही कहा कि अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
कानपुर यूनिवर्सिटी ने चैलेंज इवैल्यूएशन की व्यवस्था की है। इसके तहत स्टूडेंटों को फीस जमा करनी पड़ती है, फिर कॉपी निकालकर दिखाई जाती है। कॉपी जांचने और मार्क्स देने की प्रक्रिया में 15 फीसदी का अंतर मिला तो मामला कुलपति की एक्सपर्ट कमेटी के पास भेजा जाता है। कुलपति की कमेटी नए सिरे कॉपी जांचती है। यदि कॉपी जांचने और मार्क्स देने में 25 फीसदी मार्क्स का अंतर मिलता है तो स्टूडेंट के मार्क्स बढ़ा दिए जाते हैं। फीस भी वापस होती है। इसके तहत करीब पांच हजार स्टूडेंटों ने आवेदन फार्म भरे। फीस जमा करके मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन पुरानी व्यवस्था में बदलाव की बात कह रही है। इसका स्टूडेंटों ने विरोध किया है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन कहते हैं कि स्टूडेंटों का भविष्य महत्वपूर्ण है। जो नियम बना है, उसी हिसाब से कॉपी जांची जाएगी। स्टूडेंटों का विरोध और आंदोलन गलत है।
विज्ञापन
कानपुर यूनिवर्सिटी ने चैलेंज इवैल्यूएशन की व्यवस्था की है। इसके तहत स्टूडेंटों को फीस जमा करनी पड़ती है, फिर कॉपी निकालकर दिखाई जाती है। कॉपी जांचने और मार्क्स देने की प्रक्रिया में 15 फीसदी का अंतर मिला तो मामला कुलपति की एक्सपर्ट कमेटी के पास भेजा जाता है। कुलपति की कमेटी नए सिरे कॉपी जांचती है। यदि कॉपी जांचने और मार्क्स देने में 25 फीसदी मार्क्स का अंतर मिलता है तो स्टूडेंट के मार्क्स बढ़ा दिए जाते हैं। फीस भी वापस होती है। इसके तहत करीब पांच हजार स्टूडेंटों ने आवेदन फार्म भरे। फीस जमा करके मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन पुरानी व्यवस्था में बदलाव की बात कह रही है। इसका स्टूडेंटों ने विरोध किया है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन कहते हैं कि स्टूडेंटों का भविष्य महत्वपूर्ण है। जो नियम बना है, उसी हिसाब से कॉपी जांची जाएगी। स्टूडेंटों का विरोध और आंदोलन गलत है।
विज्ञापन