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समिति ने समस्याओं से मुंह फेरा

Wed, 11 May 2016 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Wed, 11 May 2016 12:42 AM IST
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The committee issues behold
औद्योगिक क्षेत्र फजलगंज में इस तरह दिन भर खडे रहते है वाहन - फोटो : amarujala
कानपुर। उद्यमियों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने और उनका निराकरण कराने के लिए 15 साल पहले गठित हुई राजकीय औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति ने अपने काम से मुंह फेर लिया है। कागजों में भारी भरकम दिखने वाली समिति के काम धरातल पर नहीं दिख रहे हैं। यहां ढेरों समस्याएं हैं, लेकिन किसी भी मसले को समिति की ओर से शासन और प्रशासन के सामने नहीं रखा गया। बीते एक साल से उद्योग बंधु की बैठकों में भी समिति की भूमिका निष्क्रिय है।
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शहर में पनकी और फजलगंज सिर्फ दो ही औद्योगिक आस्थान राज्य सरकार की ओर से बसाए गए हैं। अन्य औद्योगिक क्षेत्र यूपीएसआईडीसी की ओर से विकसित किए जा रहे हैं। फजलगंज स्थित राजकीय औद्योगिक आस्थान की देखरेख, साफ सफाई, अनियमितताओं की रोकथाम आदि काम के लिए सहकारी समिति का गठन किया  गया था। हर पांच साल बाद चुनाव होता है। छिटपुट काम में खर्च के लिए समिति के पास सरकारी और निजी भागीदारी का बजट भी है। बावजूद इसके औद्योगिक आस्थान का काफी हिस्सा बदहाल है। पदाधिकारियों पर चुनिंदा स्थानों पर ही काम करवाने के आरोप लग रहे है।
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ये हैं समस्याएं
a औद्योगिक क्षेत्र के अंदर गलियों में, फुटपाथों पर खाली ट्रकों, लोडरों का जमावड़ा a बॉडी मेकिंग फर्मों की गाड़ियों की मरम्मत यहां की सड़कों पर होना a जगह जगह कूड़े के ढेर, फुटपाथों पर कीचड़, रेहड़ी खोमचे वालों का अतिक्रमण आदि a कई सड़कें जर्जर हैं लेकिन समिति की ओर से समस्या         नहीं उठाई गई a औद्योगिक क्षेत्र के सुंदरीकरण के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए a हजारों राहगीरों, मजदूरों, कामगारों के लिए कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं। कई फैक्ट्रियों के आसपास लोग खुले में पेशाब करते हैं।
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समिति में अनियमितता
a औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति का दफ्तर प्लॉट संख्या 109 में रजिस्टर्ड  है, लेकिन यहां यूपी इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने अपना ऑफिस बना रखा है। काफी समय से यहां समिति की मीटिंग तक नहीं हुई। इसकी गतिविधियां निजी फैक्ट्रियों से संचालित होती हैं a शासन और निजी योगदान से मिला बजट खर्च करने का अधिकार समिति को ही है। स्थायी दफ्तर और मीटिंग न होने से उद्यमियों की बात समिति तक नहीं पहुंच रही a साफ सफाई के लिए दो सफाई कर्मी नियुक्त हैं, फिर भी जगह जगह गंदगी a समिति के पदाधिकारियों पर निजी फैक्ट्रियों के आसपास ही ध्यान केंद्रित रखने का आरोप  



 
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