Kanpur Suicide: कारोबारी ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, बेटा बोला- अल्जाइमर की थी बीमरी, भूल जाते थे सबकुछ
स्वरूपनगर थानाक्षेत्र के अंतर्गत हुई घटना से अफरातफरी मच गई है। दरअसल, एक कपड़ा कारोबारी ने 16वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक ने जांच शुरू की है।
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कानपुर के स्वरूपनगर थानाक्षेत्र में डिप्रेशन के चलते एक कपड़ा कारोबारी ने एमराल्ड गार्डेन की 16वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। वारदात की तस्वीर घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फ्लैट के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कंपनी बाग चौराहे के पास बने एमराल्ड गार्डेन के टॉवर नंबर चार फ्लैट नंबर 1603 निवासी सुरेंद्र आहूजा (65), बेटे गौरव आहूजा और पत्नी के साथ रहते थे। सुरेंद्र आहूजा का जनरलगंज में आहूजा साड़ी सेंटर के नाम से कारोबार है। वो काफी लंबे समय से परेशान चल रहे थे।
उनके बेटे गौरव ने बताया कि शाम करीब चार पिता और माता बाहर टहलने के लिए निकले थे। वह लोग बालकनी पहुंचे ही थे, कि मां को दुपट्टे अंदर रह जाने की बात याद आई। जिस पर वह अंदर लेने चली गई। इसी दौरान उनके पिता ने बालकनी से छलांग लगा दी।
हादसे में बाद लोगों की भीड़ जमा हुई
16वीं मंजिल से कूदने पर मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आसपास अफरातफरी मच गई। मृतक की पत्नी आनन-फानन दौड़कर नीचे की ओर भागीं। पहुंचने पर उन्होंने पति को मृत पाया। हादसे के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बेटा बोला- पिता को अल्जाइतर बीमारी थी
इस दौरान स्वरूपनगर इंस्पेक्टर राजेश शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल शुरू की। बेटे ने बताया कि पिता सुरेंद्र आहूजा अल्जाइमर बीमारी की वजह से सब कुछ भूल जाते थे। इसी कारण वह काफी अवसाद में रहते थे। इसके आगे परिजनों ने मीडिया से बात करने से साफ मना कर दिया।
रेलिंग फांदकर छोड़ दिए हाथ
पुलिस ने बालकनी में लगे सीसीटीवी की जांच की, तो उसमें कपड़ा कारोबारी पहले रेलिंग पर चढ़ते हैं। इसके बाद एक पैर को बाहर निकालकर दूसरे को पट्टे में रखने के बाद दोनों हाथों को छोड़ देते हैं। इसके बाद वह सीधा 16 मंजिल से नीचे गिर जाते हैं।
मातम में बदली होली की खुशियां
बेटे गौरव ने बताया कि पिता के कारोबार को बीमार रहने के बाद वह खुद संभालते हैं। होली के चलते घर में खुशियों भरा माहौल था। घर में साफ-सफाई चल रही थी। पूरे अपार्टमेंट में होली की खुशियां गम में बदल गई हैं।