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Kanpur News: फंदे से लटका मिला प्रधानाध्यापिका का शव
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भरथना। परिषदीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका का शव बुधवार को कमरे में फंदे से लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मृदुला दोहरे (45) निवासी मोढी गांव नगला पास के ही मोहन गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उनकी शादी नहीं हुई थी। दो साल से मृदुला शहर स्थित भरथना चौराहे के पास किराए पर कमरा लेकर रह रही थीं। बड़े भाई सुनील ने बताया कि वह शुक्रवार को अपना सामान लेकर घर आ गई थी। बताया कि वह यहीं से स्कूल आया जाया करेंगी। बुधवार को मृदुला विद्यालय नहीं गईं थीं। उनकी भाभी किरन अपने मायके गईं हुईं थीं। भाई सुनील स्थित कृषि विभाग के कार्यालय गए हुए थे।
घर पर बुजुर्ग मां देवकी देवी बाहर के कमरों में थीं। सुनील के बच्चे आकांक्षा 14, दिव्या 12, अंश 8 और ज्योतिका 6 घर के बाहर गांव के बच्चों के साथ खेल रहे थे। मृदुला अंदर वाले हिस्से में बने नए कमरे में अकेली थीं। लगभग 11 बजे बच्चे अंदर आए तो अंदर के कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था।
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बच्चों ने खिड़की से झांक कर देखा तो मृदुला गेट के ऊपर लगे रोशनदान में दुपट्टे से बने फंदे से लटकीं थीं। यह देखकर बच्चों ने शोर मचा दिया। इस गांव के लोग एकत्रित हो गए। सूचना पर सुनील और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए। पुलिस खिड़की में लगी जाली खोलकर अंदर घुसी और दरवाजे को खोला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
हालांकि एक दोस्त के साथ प्लाॅट खरीदने को लेकर चल रहे विवाद की वजह भी चर्चा में है। सीओ अतुल प्रधान ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। भाई ने अकेले रहने की वजह से डिप्रेशन में रहने की बात कही है।
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मृदुला दोहरे (45) निवासी मोढी गांव नगला पास के ही मोहन गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं। उनकी शादी नहीं हुई थी। दो साल से मृदुला शहर स्थित भरथना चौराहे के पास किराए पर कमरा लेकर रह रही थीं। बड़े भाई सुनील ने बताया कि वह शुक्रवार को अपना सामान लेकर घर आ गई थी। बताया कि वह यहीं से स्कूल आया जाया करेंगी। बुधवार को मृदुला विद्यालय नहीं गईं थीं। उनकी भाभी किरन अपने मायके गईं हुईं थीं। भाई सुनील स्थित कृषि विभाग के कार्यालय गए हुए थे।
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घर पर बुजुर्ग मां देवकी देवी बाहर के कमरों में थीं। सुनील के बच्चे आकांक्षा 14, दिव्या 12, अंश 8 और ज्योतिका 6 घर के बाहर गांव के बच्चों के साथ खेल रहे थे। मृदुला अंदर वाले हिस्से में बने नए कमरे में अकेली थीं। लगभग 11 बजे बच्चे अंदर आए तो अंदर के कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था।
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बच्चों ने खिड़की से झांक कर देखा तो मृदुला गेट के ऊपर लगे रोशनदान में दुपट्टे से बने फंदे से लटकीं थीं। यह देखकर बच्चों ने शोर मचा दिया। इस गांव के लोग एकत्रित हो गए। सूचना पर सुनील और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए। पुलिस खिड़की में लगी जाली खोलकर अंदर घुसी और दरवाजे को खोला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
हालांकि एक दोस्त के साथ प्लाॅट खरीदने को लेकर चल रहे विवाद की वजह भी चर्चा में है। सीओ अतुल प्रधान ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। भाई ने अकेले रहने की वजह से डिप्रेशन में रहने की बात कही है।