फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   terahvee sanskar after pet dog death

पालतू 'कल्लू' की मौत पर रोया पूरा परिवार, आत्माशांति के लिए कराया 13वीं भोज

Wed, 15 Nov 2017 07:02 PM IST
मोहन मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
मोहन मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 15 Nov 2017 07:02 PM IST
विज्ञापन
terahvee sanskar after pet dog death
पालतू कल्लू के 13वीं संस्कार में मौजूद आरके सिंह अपने परिवार के साथ - फोटो : अमर उजाला
कहते हैं कि प्यार धरती पर सबसे खूबसूरत चीज है जो कभी दिखती तो नहीं लेकिन जीवों के व्यवहार में ये साफ नजर आती है। प्यार किसी धर्म मजहब, जात-पात, ऊंच-नीच नहीं देखता। अब अगर इंसान और जानवरों के बीच प्यार की बात हो तो सबसे पहले पालतू कुत्ते का जिक्र दिल-ओ-दिमाग पर होने लगता है। कुत्ता जानवर होते हुए भी मानव से काफी दोस्ती रखता है। यूपी के कानपुर में बुधवार को ऐसा मामला सामने आया जिसने पशुप्रेम को एक अलग ही सूत्र में बांधकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। यहां के पनकी इलाके में पालतू कुत्ते की मौत पर घरवालों ने पंडित बुलाकर कुत्ते का तेरहवीं संस्कार कराया और पड़ोसी-रिश्तेदारों को भोजन कराया। 
विज्ञापन

जानें क्या है पूरा मामला...
 

 

कल्लू की आत्माशांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना

terahvee sanskar after pet dog death
पालतू कल्लू के 13वीं संस्कार में मौजूद आरके सिंह अपने परिवार के साथ

कानपुर पनकी इलाके में रहने वाले आरपी सिंह चौहान पावर हाउस प्लांट में कार्यरत हैं। परिवार में पत्नी सरोज और बेटा सात्विक है। 12 दिन पहले ही परिवार के एक सदस्य जिसका नाम कल्लू था, लंबी बीमारी के बाद उसकी मौत हो गई। कल्लू आरके सिंह का पालतू कुत्ता था। जिसे वो साल 2002 में अपने घर लाये थे। कल्लू उनके बेटे की तरह था। बुधवार को कल्लू की मौत के 12 दिन बाद तेरहवीं संस्कार का आयोजन परिवारवालों ने कराया। कल्लू की आत्माशांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हमारी नजर में जानवर नहीं था कल्लू

terahvee sanskar after pet dog death
पालतू कल्लू की पुरानी फोटो

आरपी सिंह के बेटे सात्विक ने बताया कि कल्लू हमारी नजर में जानवर नहीं था। जब कल्लू बीमार हुआ तो उसे बचाने के लिए हम सबने सभी प्रयास किए लेकिन उसे मरने से नहीं बचाया जा सका। अब उसकी कमी पूरे परिवार को बहुत खल रही है। सरोज ने बताया कि कल्लू की मौत के बाद से पूरे घर में मातम छाया हुआ है। कल्लू की आत्मा शांति के लिए पंडित को बुलवाकर हवन कराया गया और 13वीं भोज में सभी रिश्तेदारों- पड़ोसियों को बुलाया। इसके अलावा गलियों में घूमने वाले कुत्तों को भी भोजन कराया गया।  13वीं संस्कार के दौरान बकायदा 'कल्लू' का फोटो रखकर उस पर पुष्पमाला चढ़ाई गई। आरपी सिंह ने बताया कि कल्लू से पूरे परिवार का खास लगाव था। पिकी के बीमार रहने के दौरान पूरे परिवार में उसकी तीमारदारी की थी।  तमाम कोशिशों और इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed