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Kanpur News: खूबसूरती के लिए दांत अनमोल, सफाई कर रखें ख्याल
Thu, 06 Mar 2025 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:43 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में मसूड़ों में दर्द की समस्या लेकर पहुंचे मरीज को देखते डॉ. अजय कुशवाहा।
- फोटो : संवाद
कानपुर देहात। दंत चिकित्सकों की मदद से लोगों की दांतों सी जुड़ी सारी परेशानी खत्म हो जाती है साथ ही लोगों की मुस्कुराहट और भी खूबसूरत हो जाती है। दंत चिकित्सकों को उनके योगदान और मदद के लिए धन्यवाद देने के रूप में 6 मार्च को राष्ट्रीय दंत दिवस पर मनाया जाता है। इस खास दिन को लेकर डॉक्टरों ने दांतों से जुड़े स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी देकर बचाव के टिप्स दिए।
मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की डॉ. रूबी द्विवेदी बताती हैं कि बच्चों पर दुलार के चक्कर में अभिभावक स्वयं उनके दांतों को बीमारियां दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन कैरीज (कीड़ा) की शिकायत के कई बच्चे पहुंचते हैं। बताया कि अभिभावक बच्चों की जिद पर उन्हें चॉकलेट व टॉफी खाने से नहीं रोकते, लेकिन ये खाद्य पदार्थ दांतों पर सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पैदा करते हैं। दांतों की सही ढंग से सफाई न की जाए तो कैरीज लग जाता है। इससे बच्चे परेशान हो जाते हैं।
उन्होंने बताया दूध पीने के बाद बच्चे के दांतों को पानी से साफ कराना चाहिए। बच्चा छोटा है तो उसके अभिभावकों को खुद करना चाहिए। ऐसा न करने से छोटे बच्चों को दांतों में भी कैरीज (कीड़े) लग जाते हैं। उन्होंने बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। वहीं, मैक्सिलो फेशियल सर्जन डॉ. अजय कुशवाहा ने बताया कि अब जिले में जबड़े की सर्जरी होने लगी है। दुर्घटनाओं में जबड़े व दातों में चोट लगने पर लोग समय से इलाज न कराने पर नजर अंदाज कर देते है। आगे चल कर यह परेशानी उत्पन्न करता है। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी तरह की चोट लगने पर चिकित्सक से समय से सलाह लें। जिससे दांताें व जबड़े के बिगड़ते विकार को रोका जा सके।
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बताया कि ओपीडी में पायरिया के मरीज भी अधिक आते हैं। खाना खाने के बाद अधिकांश लोग ब्रश नहीं करते हैं। ऐसे में दांतों में खाना चिपका रहने से सड़न पैदा होती है और दांत खराब होने के साथ ही शरीर भी बीमारियाें से ग्रसित होता है। सबसे पहले दांतों में पायरिया का रोग लगता है। बताया कि फ्लोराइडयुक्त पानी से दांतों में पीलेपन की समस्या के साथ ही स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस लिए शुद्ध पानी के सेवन के साथ ही चिकित्सकों की सलाह से दवा का सेवन करना चाहिए।
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यह करें उपाय
- बच्चे चॉकलेट या टॉफी खाएं तो 10 मिनट बाद उनके दांतों को साफ करें।
- दूध पीने के बाद बच्चों के दांतों को पानी से साफ करें।
- भोजन करने के बाद स्वयं व बच्चों को सुबह-शाम ब्रश कराएं।
- ब्रश कम से कम पांच मिनट तक सही से करें। जिससे दांतों में फंसी गंदगी साफ हो जाए।
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मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की डॉ. रूबी द्विवेदी बताती हैं कि बच्चों पर दुलार के चक्कर में अभिभावक स्वयं उनके दांतों को बीमारियां दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन कैरीज (कीड़ा) की शिकायत के कई बच्चे पहुंचते हैं। बताया कि अभिभावक बच्चों की जिद पर उन्हें चॉकलेट व टॉफी खाने से नहीं रोकते, लेकिन ये खाद्य पदार्थ दांतों पर सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पैदा करते हैं। दांतों की सही ढंग से सफाई न की जाए तो कैरीज लग जाता है। इससे बच्चे परेशान हो जाते हैं।
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उन्होंने बताया दूध पीने के बाद बच्चे के दांतों को पानी से साफ कराना चाहिए। बच्चा छोटा है तो उसके अभिभावकों को खुद करना चाहिए। ऐसा न करने से छोटे बच्चों को दांतों में भी कैरीज (कीड़े) लग जाते हैं। उन्होंने बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। वहीं, मैक्सिलो फेशियल सर्जन डॉ. अजय कुशवाहा ने बताया कि अब जिले में जबड़े की सर्जरी होने लगी है। दुर्घटनाओं में जबड़े व दातों में चोट लगने पर लोग समय से इलाज न कराने पर नजर अंदाज कर देते है। आगे चल कर यह परेशानी उत्पन्न करता है। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी तरह की चोट लगने पर चिकित्सक से समय से सलाह लें। जिससे दांताें व जबड़े के बिगड़ते विकार को रोका जा सके।
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बताया कि ओपीडी में पायरिया के मरीज भी अधिक आते हैं। खाना खाने के बाद अधिकांश लोग ब्रश नहीं करते हैं। ऐसे में दांतों में खाना चिपका रहने से सड़न पैदा होती है और दांत खराब होने के साथ ही शरीर भी बीमारियाें से ग्रसित होता है। सबसे पहले दांतों में पायरिया का रोग लगता है। बताया कि फ्लोराइडयुक्त पानी से दांतों में पीलेपन की समस्या के साथ ही स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस लिए शुद्ध पानी के सेवन के साथ ही चिकित्सकों की सलाह से दवा का सेवन करना चाहिए।
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यह करें उपाय
- बच्चे चॉकलेट या टॉफी खाएं तो 10 मिनट बाद उनके दांतों को साफ करें।
- दूध पीने के बाद बच्चों के दांतों को पानी से साफ करें।
- भोजन करने के बाद स्वयं व बच्चों को सुबह-शाम ब्रश कराएं।
- ब्रश कम से कम पांच मिनट तक सही से करें। जिससे दांतों में फंसी गंदगी साफ हो जाए।