{"_id":"66a4052d351c6dc2c0029554","slug":"team-took-sample-to-check-pollution-in-yamuna-etawa-news-c-216-1-etw1002-114223-2024-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: यमुना में प्रदूषण जांचने के लिए टीम ने लिया नमूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: यमुना में प्रदूषण जांचने के लिए टीम ने लिया नमूना
Sat, 27 Jul 2024 01:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 27 Jul 2024 01:51 AM IST
विज्ञापन
फोटो 28:::::
- चकरनगर सेंक्चुअरी क्षेत्र में यमुना नदी में बड़ी संख्या में मरी मछलियां मिली थीं
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/चकरनगर। चकरनगर क्षेत्र के बिघौली पुल के नीचे बुधवार को बड़ी संख्या में मृत मछलियां मिलने के मामले की मत्स्य विभाग ने यमुना में प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई थी। शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने चकरनगर क्षेत्र में कई जगह से नमूने लिए हैं।
शुक्रवार को दीपक कुमार, चंबल सेंक्चुअरी के वन दरोगा विष्णु कुमार ने टीम के साथ यमुना के दोनों किनारों पर यमुना के जल का नमूना लिया गया। वहीं, चकरनगर क्षेत्र में भी यमुना के जल का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा है।
टीम ने बताया कि हर साल बारिश के दिनों में ऑक्सीजन की कमी हो जाने से मछलियां मर जाती हैं। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम की जांच में प्रथम दृष्टया को यमुना में कोई भी रासायनिक उत्प्रवाह न होने की बात बताई है। दीपक कुमार ने बताया कि जांच के लिए नमूने आगरा स्थित लैब में भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
यमुना की मछलियों का सेवन न करें
मत्स्य डीडी गायत्री पांडे ने बताया कि मछलियां मरने का मामला प्रकाश में आया था। इस पर जांच कराई जा रही है। सभी से अपील है कि यमुना में मछलियों का पालन न करें। लोगों से यह भी अपील है कि उसमें पलने वाली मछलियों को खाने से परहेज करें।
विज्ञापन
- चकरनगर सेंक्चुअरी क्षेत्र में यमुना नदी में बड़ी संख्या में मरी मछलियां मिली थीं
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/चकरनगर। चकरनगर क्षेत्र के बिघौली पुल के नीचे बुधवार को बड़ी संख्या में मृत मछलियां मिलने के मामले की मत्स्य विभाग ने यमुना में प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई थी। शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने चकरनगर क्षेत्र में कई जगह से नमूने लिए हैं।
शुक्रवार को दीपक कुमार, चंबल सेंक्चुअरी के वन दरोगा विष्णु कुमार ने टीम के साथ यमुना के दोनों किनारों पर यमुना के जल का नमूना लिया गया। वहीं, चकरनगर क्षेत्र में भी यमुना के जल का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा है।
विज्ञापन
टीम ने बताया कि हर साल बारिश के दिनों में ऑक्सीजन की कमी हो जाने से मछलियां मर जाती हैं। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम की जांच में प्रथम दृष्टया को यमुना में कोई भी रासायनिक उत्प्रवाह न होने की बात बताई है। दीपक कुमार ने बताया कि जांच के लिए नमूने आगरा स्थित लैब में भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
यमुना की मछलियों का सेवन न करें
मत्स्य डीडी गायत्री पांडे ने बताया कि मछलियां मरने का मामला प्रकाश में आया था। इस पर जांच कराई जा रही है। सभी से अपील है कि यमुना में मछलियों का पालन न करें। लोगों से यह भी अपील है कि उसमें पलने वाली मछलियों को खाने से परहेज करें।