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खेल-खेल में पढ़ाने से बच्चों में पढ़ाई का डर होता है कम : एआरपी
Sun, 13 Sep 2026 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:01 AM IST
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रसूलाबाद। समग्र शिक्षा एवं निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे छठवें बैंच के प्रशिक्षण के अंतिम दिन शनिवार को शिक्षकों को बच्चों को रुचिकर तरीकों से पढ़ाने की जानकारी दी गई। एआरपी ने कहा खेल-खेल में पढ़ाने से बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर होता है।
एआरपी सोनू सिंह ने कहा शिक्षकों ने जिस मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है उसी ऊर्जा के साथ विद्यालय में शिक्षण कार्य करें। कक्षा को रोचक बनाते हुए बच्चों की भागीदारी बढ़ाए और सीखने की प्रक्रिया को आसान कर उनमें रचनात्मक सोच विकसित करें। एआरपी पारुल निरंजन ने कहा बच्चों में पढ़ाई के प्रति डर खत्म कर रुचि पैदा करें। बातचीत, कविता और कहानी सुनने-सुनाने के मौके दें।
संदर्भदाता शैलेश पाल ने कक्षा एक से तीन तक के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाने का लक्ष्य रखा। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने बच्चों की विविध सीखने की जरूरतों को पूरा करने के लिए लचीले व अनुभवात्मक तरीकों को अपनाने की बात कही। वहीं, संदर्भदाता दिनेश कुमार ने समय सारणी के अनुपालन के साथ टीएलएम, खेल सामग्री और पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग की सलाह दी। यहां शिक्षक सर्वेश कुमार, अनूप अवस्थी, अपर्णा, नीरज कुमार, नरेंद्र सिंह, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
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एआरपी सोनू सिंह ने कहा शिक्षकों ने जिस मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है उसी ऊर्जा के साथ विद्यालय में शिक्षण कार्य करें। कक्षा को रोचक बनाते हुए बच्चों की भागीदारी बढ़ाए और सीखने की प्रक्रिया को आसान कर उनमें रचनात्मक सोच विकसित करें। एआरपी पारुल निरंजन ने कहा बच्चों में पढ़ाई के प्रति डर खत्म कर रुचि पैदा करें। बातचीत, कविता और कहानी सुनने-सुनाने के मौके दें।
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संदर्भदाता शैलेश पाल ने कक्षा एक से तीन तक के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाने का लक्ष्य रखा। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने बच्चों की विविध सीखने की जरूरतों को पूरा करने के लिए लचीले व अनुभवात्मक तरीकों को अपनाने की बात कही। वहीं, संदर्भदाता दिनेश कुमार ने समय सारणी के अनुपालन के साथ टीएलएम, खेल सामग्री और पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग की सलाह दी। यहां शिक्षक सर्वेश कुमार, अनूप अवस्थी, अपर्णा, नीरज कुमार, नरेंद्र सिंह, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
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