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UP: टैरिफ का हुआ एलान…अमेरिकी खरीदार करने लगे मोल-भाव, 100 करोड़ के आर्डर भी रोके, कारोबारियों ने कही ये बात

Fri, 04 Apr 2025 10:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 04 Apr 2025 10:47 AM IST
सार

Kanpur News: अमेरिका की ओर से टैरिफ लगने का प्रभाव शुरू हो गया है। यहां के उत्पाद नौ अप्रैल से महंगे हो जाएंगे। इससे पहले वहां के खरीदारों ने मोल-भाव शुरू कर दिया है। 100 करोड़ से ज्यादा के कंसाइनमेंट होल्ड कर दिए गए हैं। 

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Tariff announced American buyers started bargaining also stopped orders worth Rs 100 crore
जाजमऊ लेदर इंडस्ट्रीज - फोटो : amar ujala

विस्तार

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ दर 9 अप्रैल से प्रभावी होनी है। इसी बीच टैरिफ की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी खरीदारों ने शहर के निर्यातकों के साथ मोल-भाव शुरू कर दिया है। दाम घटाने के लिए या टैरिफ का 13-13 प्रतिशत भुगतान करने के लिए कह रहे हैं। कई अमेरिकी खरीदारों ने करीब 100 करोड़ के कंसाइनमेंट होल्ड कर दिए हैं।

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शहर से चमड़ा और चमड़ा के उत्पादों का सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका में होता है।
शहर के लिहाज से अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। वहां सालाना 1800-2000 करोड़ का निर्यात किया जाता है। शहर से पिछले साल नौ हजार करोड़ का निर्यात किया गया था। इस साल भी नौ हजार करोड़ के बराबर या इससे ज्यादा निर्यात होने की संभावना है। इसमें सात हजार करोड़ का निर्यात अकेले चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का होता है। इसके अलावा कपड़ा, चारा, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल, मशीनरी और प्लास्टिक उत्पादों के निर्यात किया जाता है।

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प्रभावों की स्थिति अगले कुछ दिनों में होगी स्पष्ट
यह करीब 200 करोड़ तक होता है। टैरिफ लगने के बाद निर्यात किए उत्पाद महंगे हो जाएंगे। जो उत्पाद पहले 100 रुपये का था वह 126 रुपये का हो जाएगा। शहर के निर्यातकों और कारोबारियों का कहना है टैरिफ लगने के प्रभावों की स्थिति अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी। अमेरिका ने चीन, वियतनाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, पाकिस्तान पर भारत से ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। ऐसे में निर्यातकों के सामने अवसर भी हो सकते हैं। दरअसल यह सभी प्रतिस्पर्धात्मक देश हैं।

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अमेरिकी उत्पादों पर 52 प्रतिशत टैरिफ लगता है
इनके उत्पादों की तुलना में कानपुर समेत भारत में बने उत्पाद सस्ते होंगे। इससे निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं। अमेरिका ने 26 प्रतिशत ही टैरिफ लगाया है, जबकि भारत में अमेरिकी उत्पादों पर 52 प्रतिशत टैरिफ लगता है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार यदि टैरिफ कम कर देगी या खत्म कर देगी, तो अमेरिका भी दरों में संशोधन कर सकता है। इससे अमेरिकी से आयात सस्ता हो जाएगा तो इलेक्ट्रानिक्स आइटम, कैलिफोर्निया बादाम सस्ता हो सकेगा।

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अमेरिका की ओर से टैरिफ लगने का प्रभाव शुरू हो गया है। यहां के उत्पाद नौ अप्रैल से महंगे हो जाएंगे। इससे पहले वहां के खरीदारों ने मोल-भाव शुरू कर दिया है। 100 करोड़ से ज्यादा के कंसाइनमेंट होल्ड कर दिए गए हैं।  -आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन

जब से टैरिफ की घोषणा की गई है, अमेरिकी खरीदारों के मेल और व्हाट्सएप कॉल आ रही हैं। वह टैरिफ शुल्क आधा-आधा भुगतान करने के लिए कह रहे हैं? ऐसा न करने पर एडवांस आर्डर वापस लेने की बात भी कह रहे हैं। स्थिति स्पष्ट न होने तक कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं।  -रईस इकबाल, सैडलरी निर्यातक

वाणिज्य मंत्रालय और परिषद लगातार इस पर चर्चा कर रहे हैं। चमड़ा कारोबार से जुड़े प्रतिस्पर्धात्मक देशों के मुकाबले देश पर कम टैरिफ लगाया गया है। कानपुर से सबसे ज्यादा चमड़ा और चमड़ा के बने उत्पादों का निर्यात किया जाता है। प्रभाव अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होंगे।  -राजेंद्र कुमार जालान, राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

अमेरिका ने जो नया व्यापार युद्ध शुरू किया है। उसके कई सकारात्मक पक्ष कानपुर को आने वाले समय में देखने को मिल सकेंगे। केमिकल, इंजीनियरिंग, प्लास्टिक और मशीनरी उत्पादों का भी निर्यात बढ़ सकता है। सरकार का रुख महत्वपूर्ण होगा। टैरिफ कम कर दिया गया तो आयात शुल्क कम हो जाएगा।  -तरुण खेत्रपाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए

अमेरिका के टैरिफ लगने से शुरुआती स्तर पर परेशानी आ रही हैं लेकिन इसका आने वाले समय में बहुत अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। शहर के निर्यातकों के लिए नई व्यवस्था कई मौके लेकर आएगा ऐसा आकलन किया गया है।  -यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यातक

हम निश्चित रूप से टैरिफ से प्रभावित हैं लेकिन कई अन्य की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में हैं। अन्य देशों पर लगाए गए पारस्परिक शुल्कों को देखते हुए। निचले दायरे में हैं। वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार आदि पर ज्यादा टैरिफ लगाया गया है।  -जावेद इकबाल, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

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