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स्क्रूटनी होगी सटीक, रिजल्ट देखें एप पर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:03 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी का सत्र 2015-16, 14 लाख स्टूडेंटों के लिए काफी सुविधा लेकर आएगा। इस बार रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षा मार्च में एक साथ कराई जाएंगी। वहीं यूपीटीयू की तर्ज पर चैलेंज इवोल्यूशन स्क्रूटनी की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे सटीक स्क्रूटनी हो सकेगी।
कुलपति प्रोफेसर जेवी वैशंपायन ने बताया कि अभी यह सुविधा फिलहाल यूपीटीयू में उपलब्ध थी। इस व्यवस्था में यदि मूल्यांकन के बाद कोई स्टूडेंट यह चैलेंज करता है कि उसे गलत नंबर मिले हैं, तो उसकी कॉपी का मूल्यांकन ‘चैलेंज इवोल्यूशन स्क्रूटनी सिस्टम’ के तहत कराया जाएगा। इसकी फीस आम स्क्रूटनी से ज्यादा होगी। जो जल्द ही तय हो जाएगी। इस सिस्टम के तहत एक कॉपी दो शिक्षक जांचेंगे। ताकि गलती की गुंजाइश न रहे।
यदि चेक की हुई कॉपी में प्राप्त आंकों के 20 फीसदी से अधिक अंक मिलते हैं तो स्टूडेंट को इस स्क्रूटनी की 90 फीसदी फीस वापस कर दी जाएगी। इससे कम मार्किंग में फीस वापस नहीं होगी। उन्होंने बताया कि फीस निर्धारण का मामला कमेटी तय करेगी। लेकिन, फीस यूपीटीयू से कम होगी।
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उधर, कुलपति ने बताया कि यूजी की परीक्षाओं में कई पेपर ऑप्शनल होने से अबकी जांचने के लिए 30 लाख कापियों का बोझ कम हो जाएगा। इससे यूनिवर्सिटी को मूल्यांकन में बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, उन्होंने बताया कि इस बार रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षा मार्च में एक साथ कराई जाएंगी। आगे बीए में नए स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने की योजना भी है।
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी सेसंबद्ध 14 जिलों के 1200 कालेजों में पढ़ने और रेग्युलर-प्राइवेट परीक्षा देने वाले 14 लाख स्टूडेटों के लिए राहत भरी खबर है। एक दिसंबर से यूनिवर्सिटी का एप लॉन्च कर दिया जाएगा। यह एप यूनिवर्सिटी की साइट से ही डाउनलोड किया जा सकेगा।
स्टूडेंट जैसे ही एप में अपना क्लास और रोल नंबर फीड करेंगे, उस ईयर का रिजल्ट और प्राप्तांक स्टूडेंट के मोबाइल पर दिखेंगे। कुलपति प्रोफेसर जेवी वैशम्पायन ने बताया कि फिलहाल स्टूडेंट सत्र 2014-15 की परीक्षाओं का रिजल्ट देख सकेंगे। सत्र 2015-16 का रिजल्ट भी इसी से देखा जा सकेगा।
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कुलपति प्रोफेसर जेवी वैशंपायन ने बताया कि अभी यह सुविधा फिलहाल यूपीटीयू में उपलब्ध थी। इस व्यवस्था में यदि मूल्यांकन के बाद कोई स्टूडेंट यह चैलेंज करता है कि उसे गलत नंबर मिले हैं, तो उसकी कॉपी का मूल्यांकन ‘चैलेंज इवोल्यूशन स्क्रूटनी सिस्टम’ के तहत कराया जाएगा। इसकी फीस आम स्क्रूटनी से ज्यादा होगी। जो जल्द ही तय हो जाएगी। इस सिस्टम के तहत एक कॉपी दो शिक्षक जांचेंगे। ताकि गलती की गुंजाइश न रहे।
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यदि चेक की हुई कॉपी में प्राप्त आंकों के 20 फीसदी से अधिक अंक मिलते हैं तो स्टूडेंट को इस स्क्रूटनी की 90 फीसदी फीस वापस कर दी जाएगी। इससे कम मार्किंग में फीस वापस नहीं होगी। उन्होंने बताया कि फीस निर्धारण का मामला कमेटी तय करेगी। लेकिन, फीस यूपीटीयू से कम होगी।
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उधर, कुलपति ने बताया कि यूजी की परीक्षाओं में कई पेपर ऑप्शनल होने से अबकी जांचने के लिए 30 लाख कापियों का बोझ कम हो जाएगा। इससे यूनिवर्सिटी को मूल्यांकन में बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, उन्होंने बताया कि इस बार रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षा मार्च में एक साथ कराई जाएंगी। आगे बीए में नए स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने की योजना भी है।
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी सेसंबद्ध 14 जिलों के 1200 कालेजों में पढ़ने और रेग्युलर-प्राइवेट परीक्षा देने वाले 14 लाख स्टूडेटों के लिए राहत भरी खबर है। एक दिसंबर से यूनिवर्सिटी का एप लॉन्च कर दिया जाएगा। यह एप यूनिवर्सिटी की साइट से ही डाउनलोड किया जा सकेगा।
स्टूडेंट जैसे ही एप में अपना क्लास और रोल नंबर फीड करेंगे, उस ईयर का रिजल्ट और प्राप्तांक स्टूडेंट के मोबाइल पर दिखेंगे। कुलपति प्रोफेसर जेवी वैशम्पायन ने बताया कि फिलहाल स्टूडेंट सत्र 2014-15 की परीक्षाओं का रिजल्ट देख सकेंगे। सत्र 2015-16 का रिजल्ट भी इसी से देखा जा सकेगा।