Swine Flu: कानपुर के मेडिकल कॉलेज कैंपस में दहशत, अब एमबीबीएस छात्रा में स्वाइन फ्लू की पुष्टि से बढ़ी चिंता
सूअर माफिया ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कैंपस को अड्डा बना दिया है। यहां सूअरों को छोड़ दिया जाता है। कर्मचारियों ने कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत की है। मरे सूअरों को कैंपस में फेंक दिया जाता है। शव सड़ा करते हैं, जिससे बदबू और संक्रमण फैलता है।
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कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की छात्रा पाखी में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने और कई छात्र-छात्राओं के बीमार होने से कैंपस में दहशत का माहौल है। छात्र-छात्राएं घबराए हुए हैं। एक दिन पहले ही कैंपस में आठ सूअर मरे पड़े थे। छात्रों में आशंका है कि इन सूअरों की वजह से कैंपस में स्वाइन फ्लू तेजी से फैल सकता है। इसके अलावा कैंपस में जगह-जगह जलभराव है।
इसकी वजह से मच्छर जनित बीमारियां भी फैलने की आशंका है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला प्रॉक्टर और वार्डन के साथ इनसे मिले और काउंसलिंग की। इसके साथ ही विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में उन्होंने कैंपस को विभिन्न खंडों में बांट दिया है। प्रत्येक खंड का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
इनकी जिम्मेदारी होगी कि कैंपस में गंदगी न फैलने पाए। इसके अलावा सभी छात्रावासों के वार्डन को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर दिन हॉस्टल का राउंड लेंगे। प्रत्येक सप्ताह छात्रों के साथ बैठकर उनसे बात करेंगे और उनकी परेशानी पूछेंगे। अगर किसी को दिक्कत हो तो उसका तुरंत निस्तारण किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि वार्डन के साथ दो सहायक वार्डन की भी टीम रहेगी। उन्होंने बताया कि कैंपस में सफाई की जिम्मेदारी बांट दी गई है। इसके साथ अधिकारी छात्र-छात्राओं से बराबर संपर्क में रहेंगे, जिससे उनकी तकलीफ फौरन पता चल जाए।
कैंपस में मरे सूअर फेंक रहे हैं माफिया
सूअर माफिया ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कैंपस को अड्डा बना दिया है। यहां सूअरों को छोड़ दिया जाता है। कर्मचारियों ने कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत की है। मरे सूअरों को कैंपस में फेंक दिया जाता है। शव सड़ा करते हैं, जिससे बदबू और संक्रमण फैलता है। माफिया के डर से कर्मचारी खुलकर विरोध नहीं कर पाते।
इस पर प्राचार्य ने कहा कि कमिश्नर और डीएम को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा। इसके साथ ही मेस से बचा खाना बाहर नहीं फेंका जाएगा। इसे पैक करके नगर निगम की कचरा गाड़ी में डाल दिया जाएगा। इससे सूअरों को खाने के लिए कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सूअर से बहुत सी बीमारियां फैलती है। उनके प्राचार्य होने के पहले कॉलेज प्रबंधन ने कई बार सूअर माफिया के खिलाफ प्रशासन को पत्र लिखे हैं। उन्होंने बताया कि सूअरों के शवों को जेसीबी से गहरा गड्ढा खोद कर गाड़ दिया गया है।