गुटखा खाते हुए मंडलायुक्त से पूछा कहां जाना है: ई-बसों के औचक निरीक्षण में सामने आईं खामियां, चार पर कार्रवाई
मंडलायुक्त ने ई-बस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मोतीझील से यूनिवर्सिटी और रामा डेंटल से गोल चौराहे तक सवारी बनकर बस में सफर किया।
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कानपुरवासियों को शहर में उत्तम परिवहन सेवाएं मिले, इसके लिए मंगलवार को मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने सवारी के रूप में ई-बसों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बता दें कि ग्राउंड रियलिटी जांचने के लिए मंडलायुक्त ने दो अलग-अलग बसों में मोतीझील से यूनिवर्सिटी तक और रामा डेंटल से गोल चौराहा तक का सफर किया।
इस निरीक्षण में पाया गया कि ई-बसों में अधिक से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं, जिससे लोकप्रियता का अंदाजा लगता है। यही नहीं, कई बड़ी खामियां भी सामने आई हैं। इस पर मंडलायुक्त ने कार्रवाई करते हुए दो कंडक्टरों को नौकरी से निकाल दिया। साथ ही, दो ड्राइवरों को एक माह के लिए ड्यूटी से हटाने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 का कंडक्टर ड्यूटी के दौरान गुटका खाते हुए भी पाया गया था। वह फुल यूनिफॉर्म में भी नहीं था। उसने पहले एक सहयात्री से 5 रुपये लिए और टिकट जारी नहीं किया। बाद में जब सह-यात्री ने टिकट मांगा, तो कंडक्टर ने 5 रुपये और लिए और 10 रुपये का टिकट जारी किया। वहीं, बसों के ड्राइवरों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, ना ही मास्क पहने थे।
इस दौरान यह भी पाया गया कि ई-बसों के अंदर हेल्पलाइन नंबर का कोई लिखित रूप में प्रदर्शन नहीं था। साथ ही, रूट वाइज और स्टॉप वाइज टिकट शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इन मामलों को देखते हुए मंडलायुक्त ने ई-बस के एआरएम को चेतावनी जारी की और एमडी सिटी बस सेवाओं को निर्देश दिया कि वे उपरोक्त दोनों चीजों को अगले 15 दिनों में सभी बसों में प्रदर्शित करें और प्रत्येक बस की तस्वीरों के साथ आयुक्त को लिखित में एक रिपोर्ट दें।