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बेरोजगारी से परेशान युवक ने लगाई फांसी
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sucide
- फोटो : PUKHRANYA
मूसानगर (कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के किसवा गांव में बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने मंगलवार की देररात कमरे में कुंडे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लॉकडाउन में युवक सूरत से गांव आ गया था। बुधवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मूसानगर कस्बे के किशवा गांव निवासी रविशंकर (28) पुत्र रामनरेश सूरत में बड़े भाई गुड्डू के साथ रेहड़ी लगाकर पानी पूरी बेचता था। लॉकडाउन में दोनों भाई परिवार के साथ गांव आ गए थे। लेकिन गांव में रोजगार न मिलने व आसपास शहर में पानी पूरी बेचने के लिए जगह न मिलने पर बड़ा भाई सूरत लौट गया। रविशंकर गांव में ही रहकर रोजगार तलाशता रहा। रोजगार न मिलने से वह काफी परेशान रहने लगा था।
मंगलवार की शाम में रविशंकर के चाचा के बेटे की वरीक्षा का कार्यक्रम था। घर के लोग वहां गए थे। रविशंकर भी कार्यक्रम में था। थोड़ी देर बाद वह घर चला आया। देररात जब घर के सभी लोग लौटे तो कमरे में कुंडे से गमछे के सहारे रविशंकर का शव लटका मिला। जिसे देखकर परिजन चीख पड़े। पुलिस को सूचना दी गई। युवक के पिता रामनरेश ने बताया कि गांव रहकर खेती किसानी करते हैं। परिवार की माली हालत सही नहीं होने से दोनों बेटे सूरत चले गए थे। थानाध्यक्ष रजनेश सिंह चौहान ने बताया कि मृतक के पिता की फौती सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं मृतक की पत्नी पिंकी देवी, मां श्रीकांती का रो-रो कर बुरा होल हो गया। मृतक के कोई संतान नहीं है।
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मनरेगा में नहीं कराया पंजीकरण
रविशंकर के गांव में न रहने से उसका मनरेगा में पंजीकरण नहीं था। गांव आने पर भी उसने पंजीकरण नहीं कराया।
किशवा गांव के ग्राम प्रधान विनोद निषाद ने बताया कि रामनरेश के दोनों बेटे सूरत में रहते हैं। जिसके कारण मनरेगा में उनका पंजीकरण नहीं है। जब लॉकडाउन में वह गांव आए तो मनरेगा में काम की मांग नहीं की। इस कारण उनका पंजीकरण नहीं कराया गया।
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मूसानगर कस्बे के किशवा गांव निवासी रविशंकर (28) पुत्र रामनरेश सूरत में बड़े भाई गुड्डू के साथ रेहड़ी लगाकर पानी पूरी बेचता था। लॉकडाउन में दोनों भाई परिवार के साथ गांव आ गए थे। लेकिन गांव में रोजगार न मिलने व आसपास शहर में पानी पूरी बेचने के लिए जगह न मिलने पर बड़ा भाई सूरत लौट गया। रविशंकर गांव में ही रहकर रोजगार तलाशता रहा। रोजगार न मिलने से वह काफी परेशान रहने लगा था।
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मंगलवार की शाम में रविशंकर के चाचा के बेटे की वरीक्षा का कार्यक्रम था। घर के लोग वहां गए थे। रविशंकर भी कार्यक्रम में था। थोड़ी देर बाद वह घर चला आया। देररात जब घर के सभी लोग लौटे तो कमरे में कुंडे से गमछे के सहारे रविशंकर का शव लटका मिला। जिसे देखकर परिजन चीख पड़े। पुलिस को सूचना दी गई। युवक के पिता रामनरेश ने बताया कि गांव रहकर खेती किसानी करते हैं। परिवार की माली हालत सही नहीं होने से दोनों बेटे सूरत चले गए थे। थानाध्यक्ष रजनेश सिंह चौहान ने बताया कि मृतक के पिता की फौती सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं मृतक की पत्नी पिंकी देवी, मां श्रीकांती का रो-रो कर बुरा होल हो गया। मृतक के कोई संतान नहीं है।
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मनरेगा में नहीं कराया पंजीकरण
रविशंकर के गांव में न रहने से उसका मनरेगा में पंजीकरण नहीं था। गांव आने पर भी उसने पंजीकरण नहीं कराया।
किशवा गांव के ग्राम प्रधान विनोद निषाद ने बताया कि रामनरेश के दोनों बेटे सूरत में रहते हैं। जिसके कारण मनरेगा में उनका पंजीकरण नहीं है। जब लॉकडाउन में वह गांव आए तो मनरेगा में काम की मांग नहीं की। इस कारण उनका पंजीकरण नहीं कराया गया।