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Kanpur News: सुभाष चंद्र बोस की 85 वर्ष पुरानी आवाज होगी सुरक्षित
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कानपुर। स्वतंत्रता संग्राम के दौर की दुर्लभ और ऐतिहासिक आवाजें अब सरकारी अभिलेखागार में सुरक्षित रहेंगी। इन्हें स्वतंत्रता सेनानी स्व. कीर्ति विमलानंद ने अपने समय में रिकॉर्ड किया था। उनके बेटे एडवोकेट मृगांक शेखरानंद आनंद के पास महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों के भाषणों की रिकॉर्डिंग है। सबसे दुर्लभ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का 85 साल पहले अंग्रेजी में दिए गए भाषण की रिकार्डिंग है।
हर्ष नगर निवासी मृगांक शेखरानंद ने कहा कि उनके पिता ने स्वयं उस दौर में इन महत्वपूर्ण भाषणों को रिकॉर्ड किया था। पिता का निधन तो 2010 में हुआ। उन्होंने 29 सितंबर को नई दिल्ली में प्रसार मंत्रालय के कार्यक्रम विभाग के निदेशक को यह सामग्री सौंपकर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इतने वर्षों बाद इन आवाजों को सुरक्षित अभिलेख के रूप में राष्ट्र को सौंपना उनके परिवार के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रसार मंत्रालय की ओर से आश्वासन दिया है कि भविष्य में जब सरकारी माध्यमों से इन ऐतिहासिक भाषणों का प्रसारण होगा तो रिकॉर्डिंग करने वाले स्वतंत्रता सेनानी कीर्ति विमलानंद का स्मरण भी किया जाएगा। इन रिकॉर्डिंग को संरक्षित कराने का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ी उस दौर की आवाजों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
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हर्ष नगर निवासी मृगांक शेखरानंद ने कहा कि उनके पिता ने स्वयं उस दौर में इन महत्वपूर्ण भाषणों को रिकॉर्ड किया था। पिता का निधन तो 2010 में हुआ। उन्होंने 29 सितंबर को नई दिल्ली में प्रसार मंत्रालय के कार्यक्रम विभाग के निदेशक को यह सामग्री सौंपकर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इतने वर्षों बाद इन आवाजों को सुरक्षित अभिलेख के रूप में राष्ट्र को सौंपना उनके परिवार के लिए गौरव की बात है।
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उन्होंने कहा कि प्रसार मंत्रालय की ओर से आश्वासन दिया है कि भविष्य में जब सरकारी माध्यमों से इन ऐतिहासिक भाषणों का प्रसारण होगा तो रिकॉर्डिंग करने वाले स्वतंत्रता सेनानी कीर्ति विमलानंद का स्मरण भी किया जाएगा। इन रिकॉर्डिंग को संरक्षित कराने का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ी उस दौर की आवाजों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
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