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टेंशन फ्री रहने के टिप्स जानकर बेहद खुश नजर आये ये विद्यार्थी

Tue, 11 Apr 2017 12:50 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 11 Apr 2017 12:50 AM IST
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stress management workshop at kanpur medical college
बच्चों को स्ट्रेस मैनेजमेन्ट के बारे में बताते डॉ. गौतम
स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यशाला में किशोर - किशोरियां तनाव मुक्त रहने के टिप्स पाकर काफी संतुष्ट नजर आए। स्ट्रेस मैनेजमेंट विशेषज्ञ डॉ. शिव गौतम से सीखा कि मम्मी पापा की डांट से न हिचकें, कोई भी समस्या हो या मन में जो भी विचार आएं तो सबसे पहले उन्हें बताएंगे। क्योंकि मन की बात बाहर बताने से वे गलत संगत में जा सकते हैं और समाधान के बजाय उनकी समस्या बढ़ सकती है।
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आईएमए सीजीपी रिफ्रेशर कोर्स के दूसरे दिन कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज के आडीटोरियम में जयपुर से आए स्ट्रेस मैनेजमेंट विशेषज्ञ डॉ. शिव गौतम ने किशोर-किशोरियों के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला में बताया कि किशोरावस्था में खुद को सही से संभाल लिया जाए तो पूरा जीवन अच्छी तरह बीतता है। अभिभावक बच्चों पर अपनी इच्छाओं को लादने के बजाय उनकी रुचि के हिसाब से आगे बढ़ने में मदद करें।
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किशोरावस्था में अज्ञानता से शॉक
किशोरावस्था में शरीर में शारीरिक विकास, हार्मोनल, भावनात्मक बदलाव, विकास होता है। बच्चे खुद को बड़ा समझने लगते हैं। उन्हें इस बारे में ठीक से न बताया जाए तो डिप्रेशन में जा सकते हैं। सभी स्कूलों में मेंटल हेल्थ प्रोग्राम चलने चाहिए। टीचर कमजोर बच्चों की दिक्कतें समझें। स्कूल काउंसलर किशोरों की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। कार्यशाला में शिक्षिका पूनम झा ने पूछा कि कुछ बच्चे सवाल खत्म होने से पहले ही बोलने लगते हैं? इस पर डॉ. गौतम ने उन्हें ओवर इंटेलीजेंट बताया। उन्हें अलग से समझाने और उनके माध्यम से कमजोर बच्चों को आगे लाने पर जोर दिया।
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टिप्स
-नाटा कद, दोस्तों से आगे न निकल पाने पर हीनभावना से बचें
-परीक्षा में ही पढ़ाई के बजाय रोज तैयारी करें
-सोशल मीडिया का सीमित सदुपयोग करें
-परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले पढ़ाई बंद करें
-कोचिंग संचालक हर हफ्ते टेस्ट का रिजल्ट सार्वजनिक करने के बजाय कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दें
-24 घंटे में तीन कप से ज्यादा चाय, कॉफी न पिएं
-नियमित व्यायाम, मेडीटेशन, योग करें
-दूध, बादाम के साथ फल, हरी सब्जियां खाएं
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